हिंदू कैलेंडर
जुलाई 2027
हर दिन की तिथि, नक्षत्र और पक्ष के साथ त्योहार, एकादशी और अन्य व्रत — नई दिल्ली के लिए वास्तविक ग्रह-स्थितियों से गणना। पूरा पंचांग देखने के लिए किसी भी तारीख़ पर टैप करें।
जुलाई 2027 के त्योहार व व्रत
- 1 जुल॰गुरु प्रदोष
- 1 जुल॰मासिक कार्तिगाई
- 3 जुल॰मासिक शिवरात्रि
- 4 जुल॰आषाढ़ अमावस्या
- 7 जुल॰विनायक चतुर्थी
- 8 जुल॰स्कन्द षष्ठी
- 11 जुल॰मासिक दुर्गाष्टमी
- 14 जुल॰देवशयनी एकादशी
- 15 जुल॰गुरु प्रदोष
- 18 जुल॰Guru Purnima
- 22 जुल॰संकष्टी चतुर्थी
- 26 जुल॰कालाष्टमी
- 28 जुल॰मासिक कार्तिगाई
- 29 जुल॰योगिनी एकादशी
- 31 जुल॰शनि प्रदोष
नि:शुल्क एआई ज्योतिषी से किसी भी तिथि, त्योहार या मुहूर्त के बारे में अपनी कुंडली के अनुसार पूछें।
हिंदू कैलेंडर कैसे पढ़ें
ग्रेगोरियन कैलेंडर के विपरीत, हिंदू कैलेंडर चंद्र-सौर है — हर तारीख़ केवल एक संख्या नहीं, बल्कि तिथि और चंद्र का नक्षत्र रखती है। एक मास शुक्ल पक्ष (प्रतिपदा से पूर्णिमा) और कृष्ण पक्ष (अमावस्या तक) से गुज़रता है। त्योहार व व्रत विशेष तिथियों पर पड़ते हैं, इसलिए उनकी ग्रेगोरियन तारीख़ हर वर्ष बदलती है। ऊपर ग्रिड में किसी भी दिन पर टैप करें; छुट्टियाँ व त्योहार चिह्नित हैं। ध्यान दें कि 2026 में अधिक मास (17 मई–15 जून) है, इसलिए वर्ष में 13 चंद्र-मास हैं और कई त्योहार सामान्य से देर से पड़ते हैं।
हिंदू कैलेंडर के बारह मास
चंद्र वर्ष बारह मासों से गुज़रता है, प्रत्येक उस नक्षत्र के नाम पर जिसके निकट पूर्णिमा पड़ती है: चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ और फाल्गुन। वर्ष चैत्र से आरंभ होता है (मार्च–अप्रैल, जब चैत्र नवरात्रि व राम नवमी आती हैं); श्रावण में रक्षा बंधन; भाद्रपद में कृष्ण जन्माष्टमी व गणेश चतुर्थी; आश्विन में शरद नवरात्रि व दशहरा; और कार्तिक में दिवाली। चूँकि मास चंद्रमा का अनुसरण करते हैं, प्रत्येक लगभग हर 29.5 दिन में नए सिरे से आरंभ होता है।
संवत: कौन-सा हिंदू वर्ष है?
हिंदू कैलेंडर युगों (संवत) में गिना जाता है। उत्तर भारत में सर्वाधिक प्रचलित विक्रम संवत चैत्र से आरंभ होता है — विक्रम संवत 2083 का आरंभ 19 मार्च 2026 को है। भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर में प्रयुक्त शक संवत इससे 135 वर्ष पीछे चलता है (शक 1948)। हमारा कैलेंडर प्रत्येक दिन के लिए तिथि व नक्षत्र के साथ संवत, ऋतु व अयन भी गणना करता है।
2026 के प्रमुख हिंदू त्योहार
वर्ष की प्रमुख तिथियाँ, सभी नई दिल्ली के लिए गणना की गईं: मकर संक्रांति (14 जनवरी), महाशिवरात्रि (15 फरवरी), होली (3 मार्च, 2 मार्च को होलिका दहन के बाद), हिंदू नववर्ष व चैत्र नवरात्रि (19 मार्च) और राम नवमी (26 मार्च), हनुमान जयंती (2 अप्रैल), अक्षय तृतीया (20 अप्रैल), रक्षा बंधन (28 अगस्त), कृष्ण जन्माष्टमी (4 सितंबर), गणेश चतुर्थी (14 सितंबर), शरद नवरात्रि (11 अक्टूबर से) व दशहरा (20 अक्टूबर), करवा चौथ (29 अक्टूबर), फिर दिवाली समूह — धनतेरस (6 नवंबर), दिवाली (8 नवंबर), गोवर्धन पूजा (10 नवंबर) व भाई दूज (11 नवंबर)। ग्रिड में किसी भी तिथि पर टैप करें, या पूरी सूची व महत्व हेतु त्योहार कैलेंडर खोलें।
यह कैलेंडर कैसे गणना होता है
यहाँ हर तिथि सूर्य व चंद्र की वास्तविक स्थिति से लाहिरी अयनांश द्वारा गणना की गई है — वही सिडरियल प्रणाली जो वैदिक कुंडली में है — किसी मुद्रित पंचांग से नकल नहीं। प्रत्येक दिन की दिखाई गई तिथि, नक्षत्र व पक्ष नई दिल्ली के सूर्योदय पर प्रचलित मान हैं; त्योहार व व्रत तिथियाँ तिथि-नियमों से (और जहाँ परंपरा अपेक्षित हो, अपराह्न/प्रदोष संदर्भ या भद्रा नियम से) निकाली जाती हैं। चूँकि सूर्योदय व चंद्र-दिवस स्थान अनुसार बदलते हैं, आपके नगर का कैलेंडर किनारों पर एक दिन भिन्न हो सकता है — सटीक नगर हेतु पंचांग टूल देखें।
प्रमुख तिथियाँ और उन पर क्या पड़ता है
- चतुर्थी (4) — गणेश की तिथि — संकष्टी व विनायक चतुर्थी; गणेश चतुर्थी भी।
- पंचमी (5) — वसंत पंचमी, नाग पंचमी; विद्या व सर्प पूजा।
- अष्टमी (8) — दुर्गा अष्टमी; कृष्ण जन्माष्टमी कृष्ण पक्ष अष्टमी पर।
- एकादशी (11) — विष्णु की तिथि — उपवास हेतु सर्वाधिक शुभ; वर्ष में 24।
- त्रयोदशी (13) — प्रदोष व्रत — शिव की संध्या-बेला पूजा।
- चतुर्दशी (14) — मासिक शिवरात्रि; महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी पर।
- अमावस्या — नवचंद्र — श्राद्ध, पितृ-तर्पण; दिवाली अमावस्या पर।
- पूर्णिमा — पूर्णचंद्र — सत्यनारायण व्रत, गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा।
संबंधित लेख
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिंदू कैलेंडर ग्रेगोरियन से कैसे अलग है?
हिंदू कैलेंडर चंद्र-सौर है — महीने चंद्र कलाओं से और वर्ष सूर्य से तय होते हैं। हर दिन की एक तिथि व नक्षत्र होता है, और त्योहार तिथियों पर पड़ते हैं, इसलिए उनकी ग्रेगोरियन तारीख़ बदलती रहती है।
शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष क्या हैं?
शुक्ल पक्ष चंद्रमा के बढ़ने का पखवाड़ा है (प्रतिपदा से पूर्णिमा), और कृष्ण पक्ष घटने का (पूर्णिमा के बाद अमावस्या तक)।
अधिक मास क्या है और 2026 में कब है?
2026 में अधिक मास 17 मई से 15 जून तक है — यह अतिरिक्त चंद्र-मास हर ~2.7 वर्ष में जोड़ा जाता है ताकि चंद्र व सौर वर्ष मिलें।
कुछ त्योहार विभिन्न क्षेत्रों में अलग तिथियों पर क्यों दिखते हैं?
दो कारण। त्योहार तिथि से जुड़ा होता है, और तिथि एक नगर में दूसरे से पहले आरंभ हो सकती है, अतः पालन-दिवस एक दिन भिन्न हो सकता है। साथ ही अमांत व पूर्णिमांत मास प्रणालियाँ मासों को भिन्न नाम देती हैं, जिससे कुछ त्योहार उत्तर व दक्षिण भारत में एक पखवाड़े आगे-पीछे होते हैं। हमारी तिथियाँ नई दिल्ली के लिए हैं।
इस कैलेंडर पर शुभ तिथि कैसे खोजें?
ग्रिड में किसी भी दिन पर टैप करें — उसका पूरा पंचांग खुलेगा। विवाह या गृह प्रवेश जैसे विशेष कार्य हेतु मुहूर्त पृष्ठ देखें, जो वर्ष को पहले से शास्त्रीय नियमों पर खरी तिथियों तक छान देते हैं।
क्या मैं ये तिथियाँ डाउनलोड या अपने कैलेंडर में जोड़ सकता हूँ?
हाँ — पृष्ठ के ऊपर दिए "कैलेंडर में जोड़ें (.ics)" लिंक से वर्ष के त्योहार व एकादशी एक .ics फ़ाइल के रूप में डाउनलोड करें, जिसे Google Calendar, Apple Calendar या Outlook में इम्पोर्ट कर सकते हैं ताकि तिथियाँ आपके कार्यक्रमों के साथ दिखें।