एस्ट्रोलॉगर संपादकीय डेस्क से मार्गदर्शिकाएँ और कहानियाँ — आकाश को थोड़ी और स्पष्टता के साथ पढ़ने के लिए।
देव उठनी एकादशी 2026 की तिथि 18 नवंबर है। तुलसी विवाह 2026 का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और विवाह सीज़न की संभावित शुरुआत जानें।
धनतेरस 2026 की तिथि, पूजा मुहूर्त, शुभ खरीदारी समय, पूजा विधि और क्या खरीदें — सब कुछ वैदिक पंचांग से।
दशहरा 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, अपराजिता पूजा समय और विजयादशमी 2026 का वैदिक ज्योतिषीय महत्व — स्पष्ट और ईमानदार जानकारी।
गोवर्धन पूजा 2026 तिथि, शुभ मुहूर्त, अन्नकूट पूजा विधि, भाई दूज 2026 तिलक मुहूर्त और प्रत्येक पर्व की सच्ची कहानी।
गुरु नानक जयंती 2026 की तिथि, कार्तिक पूर्णिमा स्नान मुहूर्त, देव दीवाली का महत्व और अनुष्ठान — एक स्पष्ट मार्गदर्शिका।
शारदीय नवरात्रि 2026 तिथि, घटस्थापना मुहूर्त, दिन-वार नौ रंग और पूजा विधि — एक सरल, स्पष्ट मार्गदर्शिका।
दिसंबर 2026 में राहु मकर और केतु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। सटीक तिथि, नक्षत्र प्रवेश, राशि-वार प्रवृत्तियाँ और इस अक्ष का वैदिक अर्थ।
जानें बुधादित्य योग का वैदिक ज्योतिष में क्या अर्थ है, यह कितना सामान्य है, प्रत्येक भाव में इसके संभावित प्रभाव और इसे अपनी जन्म कुंडली में कैसे पहचानें।
जानें गजकेसरी योग क्या है, कुंडली में बृहस्पति और चंद्रमा इसे कैसे बनाते हैं, इसके संभावित प्रभाव और इसे कमज़ोर करने वाले कारक।
मंगल गोचर का अर्थ, राशि अनुसार प्रभाव, 2026 की तिथियाँ, भाव प्रभाव और सौम्य उपाय — संभावनाएँ, निश्चितताएँ नहीं।
जानें कुंडली में राज योग का अर्थ, यह कैसे बनता है, इसके प्रमुख प्रकार और यह करियर व धन को कैसे प्रभावित कर सकता है।
वैदिक ज्योतिष में शुक्र गोचर को समझें — शुक्र का प्रत्येक राशि में गोचर, प्रेम व जीवन पर इसकी प्रवृत्तियाँ, और भारत के लिए 2026 की प्रमुख तिथियाँ।
गणेश चतुर्थी 2026 तिथि, गणेश स्थापना मुहूर्त, पूजा समय, विसर्जन तिथि और अनंत चतुर्दशी 2026 की पूरी जानकारी।
हरतालिका तीज 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, पूजा सामग्री सूची और व्रत कथा — एक सरल, ईमानदार मार्गदर्शिका।
जन्माष्टमी 2026 की तिथि, मध्यरात्रि पूजा मुहूर्त, नक्षत्र विवरण और कृष्ण जयंती का वैदिक ज्योतिषीय महत्व — एक स्पष्ट मार्गदर्शिका।
पितृ पक्ष 2026 की तिथियाँ, तिथि-वार श्राद्ध कैलेंडर, आरंभ व समाप्ति तिथि, सर्वपितृ अमावस्या और प्रत्येक अनुष्ठान का सौम्य महत्व।
रक्षा बंधन 2026 की तिथि 27 अगस्त है। पूर्णिमा तिथि, शुभ मुहूर्त, भद्रा काल और चंद्र ग्रहण का राखी पर प्रभाव जानें।
सूर्य ग्रहण 2026 की तारीख और समय भारत में, चंद्र ग्रहण दृश्यता, और सूतक काल — अगस्त 2026 के ईमानदार तथ्य, IST अपडेटेड।
अनुराधा नक्षत्र के व्यक्तित्व लक्षण, अनुकूलता, करियर और प्रेम जीवन — वैदिक ज्योतिष पर आधारित, बिना किसी अतिशयोक्ति के।
आर्द्रा नक्षत्र के व्यक्तित्व लक्षण, अनुकूलता, करियर और राहु-शासित इस नक्षत्र का प्रेम व विवाह पर संभावित प्रभाव जानें।
आश्लेषा नक्षत्र के व्यक्तित्व, अनुकूलता, करियर और प्रेम पैटर्न पर ईमानदार ज्योतिषीय दृष्टि — कठोर भविष्यवाणियाँ नहीं।
पन्ना रत्न के ज्योतिष लाभ, कौन पहने, बुध ग्रह, सही उंगली, दिन, समय और संभावित दुष्प्रभाव की ईमानदार जानकारी।
गोमेद रत्न के फायदे, राहु उपाय, पहनने के नियम, दुष्प्रभाव और असली हेसोनाइट गार्नेट की पहचान — वैदिक ज्योतिष पर आधारित।
मोती रत्न के ज्योतिष लाभ, कौन पहने, कौन सी राशि के लिए उपयुक्त, कैसे सक्रिय करें और किसे बचना चाहिए — जानें विस्तार से।
वैदिक ज्योतिष में पूर्णिमा और अमावस्या के प्रभाव — चंद्र चरण मन, भावनाओं, अनुष्ठानों और उपवास पर कैसे असर डालते हैं।
शनि वक्री 2026 जुलाई में आरंभ होगा। जानें सटीक तिथियाँ, प्रत्येक वैदिक राशि पर संभावित प्रभाव और शास्त्र-सम्मत उपाय।
वैदिक ज्योतिष के आधार पर 2026 में नई कार या बाइक खरीदने के लिए शुभ तिथियां, नक्षत्र और महीने जानें।
पुखराज रत्न के लिए एक ईमानदार वैदिक मार्गदर्शिका: किसे पहनना चाहिए, कौन सी उंगली और धातु, वास्तविक लाभ, दुष्प्रभाव और उपयुक्तता की जांच कैसे करें।
सावन 2026 उत्तर भारत में 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। चारों सोमवार व्रत, सावन शिवरात्रि और इस पवित्र माह का महत्व जानें।
सावन सोमवार व्रत विधि की संपूर्ण जानकारी — पूजा के चरण, उपवास के नियम, सामग्री सूची और इस व्रत का पारंपरिक महत्व।
अष्टम शनि को समझें — यह क्या लाता है, कितने समय तक रहता है, 2026 में कौन सी राशि प्रभावित है, और वैदिक ज्योतिष पर आधारित व्यावहारिक उपाय।
छठ पूजा 2026 तिथि, समय, सूर्यास्त और सूर्योदय अर्घ्य, तिथि, नक्षत्र और इस सूर्य उपासना परंपरा का वैदिक खगोलीय आधार।
कुंडली में ग्रहण दोष को समझें — सूर्य या चंद्रमा के राहु या केतु के साथ होने पर यह कैसे बनता है, इसके संभावित प्रभाव और इसे कम करने के व्यावहारिक वैदिक उपाय।
गृह प्रवेश मुहूर्त 2026 — माह दर माह नक्षत्र, तिथि और वर्जित काल, पारंपरिक वैदिक पंचांग पर आधारित।
2026 में करवा चौथ का चंद्रोदय समय शहर अनुसार, पूजा मुहूर्त, नक्षत्र और इस पवित्र व्रत का वैदिक ज्योतिषीय अर्थ जानें।
मंगल महादशा की 7 वर्षीय अवधि, करियर, विवाह, संपत्ति, भाई-बहन पर प्रभाव, अंतर्दशा और उपाय — वैदिक ज्योतिष में।
बुध महादशा के बुद्धि, करियर और संबंधों पर प्रभाव जानें — 17 वर्षों की ईमानदार जानकारी, अंतर्दशा अंतर्दृष्टि और व्यावहारिक उपाय।
शुक्र महादशा के प्रेम, विवाह, धन और करियर पर 20 वर्षों के प्रभाव जानें — ईमानदार उपाय और अंतर्दशा मार्गदर्शन सहित।
बृहस्पति महादशा के 16 वर्षीय प्रभाव — करियर, धन, विवाह और अध्यात्म पर — साथ में ईमानदार उपाय और लग्न-अनुसार फल।
केतु महादशा के प्रभाव — करियर, रिश्ते, स्वास्थ्य और अध्यात्म पर — तथा वैदिक ज्योतिष के ईमानदार व व्यावहारिक उपाय।
नीलम रत्न के फायदे, दुष्प्रभाव, असली पहचान और किसे पहनना चाहिए — एक ईमानदार वैदिक मार्गदर्शिका।
2026 में बृहस्पति के सिंह राशि में प्रवेश की सटीक तिथियाँ, अवधि और करियर, वित्त व संबंधों पर ईमानदार राशि-वार प्रवृत्तियाँ।
हिंदू पंचांग के अनुसार 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त तिथियाँ जानें। अनुकूल माह, नक्षत्र और लग्न मुहूर्त तिथियाँ खोजें।
आज का राहु काल शहर अनुसार, गणना विधि, क्या न करें, क्या करें और शास्त्रों में इसकी परिभाषा।
दिवाली लक्ष्मी पूजा समय 2026 के बारे में जानें, वैदिक ज्योतिष कैसे मुहूर्त की गणना करता है, और शुभ समय चुनना क्यों महत्वपूर्ण होता है।
साढ़े साती के 3 चरणों — उदय, शिखर और अस्त — को समझें; प्रत्येक चरण क्या प्रभाव लाता है, यह कितने समय तक चलता है और कौन से उपाय उपयुक्त हैं।
मांगलिक दोष निवारण की शास्त्रीय स्थितियाँ जानें — आपसी मांगलिक स्थिति से लेकर मंगल के अपनी राशि में होने तक — स्पष्ट और ईमानदारी से समझाया गया।
जानें कि सातवें भाव में मांगलिक दोष का विवाह और जीवनसाथी पर क्या अर्थ है, यह कब समाप्त हो सकता है, और कौन से उपाय सुझाए जाते हैं — ईमानदारी से समझाया गया।
कुंडली मिलान में नाड़ी दोष को समझें — इसका आकलन कैसे किया जाता है, अपवाद कब लागू होते हैं, विवाह और संतान पर इसके संभावित प्रभाव, और पारंपरिक
जानें कि 2026 में साढ़े साती किन राशियों पर प्रभाव डालेगी, कौन सी राशि किस चरण में है, और इस अवधि में आगे बढ़ने के ईमानदार और व्यावहारिक कदम।
विंशोत्तरी दशा में भावनाओं, करियर, विवाह और स्वास्थ्य पर चंद्र महादशा के 10 साल के प्रभावों और कमजोर चंद्रमा के सरल उपायों के बारे में जानें।
माणिक रत्न ज्योतिष के बारे में जानें — माणिक रत्न के लाभ, किसे पहनना चाहिए, उपयुक्त राशियाँ, सक्रियण विधि और सर्वोत्तम परिणामों के लिए ईमानदार नियम।
6 वर्षों तक करियर, स्वास्थ्य और रिश्तों पर सूर्य महादशा के प्रभावों का विश्लेषण। इसमें लग्न-वार प्रवृत्तियाँ, अंतर्दशा परिणाम और सरल उपाय शामिल हैं।
काल सर्प दोष के सभी 12 प्रकारों को जानें, आपकी कुंडली में इनका निर्माण कैसे होता है, इनके संभावित प्रभाव और सामान्यतः सुझाए जाने वाले उपाय।
19 साल की शनि महादशा के बारे में जानें। शनि महादशा के प्रभाव, कर्मिक सबक और विकास एवं स्थिरता के लिए व्यावहारिक उपायों को समझें।
राहु महादशा के 18 वर्षों को समझें। इसके प्रभाव, स्वामी ग्रह की भूमिका और विकास व स्थिरता के लिए ईमानदार वैदिक उपायों के बारे में जानें।
वैदिक जन्म कुंडली वास्तव में क्या दिखाती है — भाव, लग्न, ग्रह, राशि और नक्षत्र — और अपनी जन्म कुंडली कैसे पढ़ना शुरू करें।
वैवाहिक मिलान के आठ कूट, 36 गुणों का स्कोर, क्या अच्छा मिलान माना जाता है, और क्यों यह संख्या केवल कहानी का हिस्सा है।
मंगल दोष वास्तव में क्या है, इसे कौन सी स्थितियां पैदा करती हैं, इसके निवारण कैसे काम करते हैं, और यह उतना डरावना क्यों नहीं है जितना अक्सर बताया जाता है।
जानें 120 वर्ष का विंशोत्तरी दशा चक्र कैसे काम करता है — नौ ग्रहों की अवधियाँ, उनकी लंबाई और जन्म नक्षत्र का प्रभाव।
नक्षत्र क्या हैं, चंद्रमा से आपका जन्म नक्षत्र कैसे ज्ञात किया जाता है, और वैदिक ज्योतिष में उनके स्वामियों, देवताओं, गणों और पदों का विश्लेषण कैसे होता है।
साढ़े साती वास्तव में क्या है — आपके चंद्रमा से 12वें, पहले और दूसरे भाव में शनि का गोचर — इसके तीन चरण और इससे निपटने का एक व्यावहारिक तरीका।
काल सर्प दोष क्या है जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच होते हैं, इसके पारंपरिक प्रकार, और इस पर एक ईमानदार नज़र कि इसे ज़रूरत से ज़्यादा क्यों डराया जाता है।
वैदिक ज्योतिष पंचांग के पांच अंगों का उपयोग करके शुभ मुहूर्त कैसे चुनता है — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — और उन अशुभ समय अवधि से कैसे बचें।
लगभग 28-30 वर्ष की आयु में, शनि आपकी जन्म के समय वाली स्थिति पर लौट आता है। यहाँ बताया गया है कि इसका वास्तव में क्या अर्थ है — और इसे कैसे सहजता से पार करें।
इस वर्ष बुध तीन बार वक्री होता है। यहाँ बताया गया है कि प्रत्येक अवधि आपकी राशि के लिए क्या मायने रखती है और इस मंदी का बुद्धिमानी से उपयोग कैसे करें।