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प्रमुख त्योहार

धनतेरस

6 नवंबर 2026 · लक्ष्मी

2026 की तिथियाँ मानक पंचांग संदर्भों से ली गई सद्भावपूर्ण अनुमान हैं — नियोजन से पहले सटीक तिथि और मुहूर्त किसी वर्तमान पंचांग से मिलाकर पुष्टि करें।

महत्व

दिवाली का उत्सव कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को देवी लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि (आयुर्वेद के देवता) की पूजा के साथ शुरू होता है। समृद्धि का स्वागत करने के लिए सोना, चांदी या बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।

ज्योतिषीय महत्व

धनतेरस कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को आता है, जो कार्तिक अमावस्या (दिवाली) से दो दिन पहले होती है, जब चंद्रमा अपने सबसे अंधेरे चरण की ओर बढ़ता है। यह पांच दिवसीय दिवाली उत्सव का शुभारंभ करता है और भगवान धन्वंतरि से जुड़ा है, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे समुद्र मंथन के दौरान प्रकट हुए थे। चंद्र कैलेंडर पर आधारित होने के कारण, इसकी ग्रेगोरियन तिथि अक्टूबर और नवंबर के बीच बदलती रहती है।

मास: कार्तिक · पक्ष: कृष्ण · कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष का तेरहवां दिन) — पांच दिवसीय दिवाली उत्सव का पहला दिन।

धनतेरस कैसे मनाया जाता है

  • पारंपरिक रीति के अनुसार सोना, चांदी या नए बर्तन खरीदना
  • लक्ष्मी और धन्वंतरि की पूजा करना
  • दिवाली से पहले घर की सफाई और सजावट करना
  • दिवाली उत्सव के पहले दीपक जलाना
  • प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में धनतेरस कब है?+

2026 में यह 6 नवंबर को है। चंद्र कैलेंडर पर आधारित त्योहार होने के कारण इसकी तिथि हर साल बदलती है, इसलिए कृपया वर्तमान पंचांग से पुष्टि करें।

धनतेरस क्यों मनाया जाता है?+

यह लक्ष्मी और धन्वंतरि की पूजा के साथ दिवाली उत्सव की शुरुआत करता है, और पारंपरिक रूप से सोना, चांदी या बर्तन खरीदने से जुड़ा है।

भगवान धन्वंतरि कौन हैं?+

धन्वंतरि को देवताओं का चिकित्सक और विष्णु का एक रूप माना जाता है, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे क्षीर सागर के मंथन के दौरान प्रकट हुए थे; इस दिन का नाम आंशिक रूप से उन्हीं के नाम पर रखा गया है।

कैलेंडर के अनुसार इसका क्या महत्व है?+

यह कार्तिक मास की कृष्ण त्रयोदशी को आता है, जो दिवाली की अमावस्या से दो दिन पहले होती है, जब चंद्रमा धीरे-धीरे अंधेरे की ओर बढ़ता है।

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