रक्षा बंधन
28 अगस्त 2026
2026 की तिथियाँ मानक पंचांग संदर्भों से ली गई सद्भावपूर्ण अनुमान हैं — नियोजन से पहले सटीक तिथि और मुहूर्त किसी वर्तमान पंचांग से मिलाकर पुष्टि करें।
महत्व
श्रावण पूर्णिमा के दिन, बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं और उपहार देते हैं। भाई-बहन के प्रेम के इस पवित्र बंधन को मिठाइयों, प्रार्थनाओं और पारिवारिक मिलन के साथ मनाया जाता है।
ज्योतिषीय महत्व
रक्षा बंधन श्रावण की पूर्णिमा को मनाया जाता है, और कुछ समुदायों में इसी दिन श्रावणी या ऋग्वैदिक उपकर्म भी मनाया जाता है। पंचांग परंपरा के अनुसार राखी भद्रा काल के बाहर बांधने की सलाह दी जाती है, इसलिए कई परिवार दिन के अनुशंसित मुहूर्त का विशेष ध्यान रखते हैं। पूर्णिमा का त्योहार होने के कारण, इसकी ग्रेगोरियन तिथि जुलाई और अगस्त के बीच बदलती रहती है।
मास: श्रावण · पक्ष: शुक्ल · श्रावण मास की पूर्णिमा — पारंपरिक रूप से राखी बांधने का कार्य दिन के शुभ मुहूर्त में किया जाता है, जिसमें भद्रा काल का त्याग किया जाता है।
रक्षा बंधन कैसे मनाया जाता है
- बहनों द्वारा भाइयों की कलाई पर राखी का धागा बांधना
- भाइयों द्वारा उपहार देना और रक्षा का संकल्प लेना
- तिलक लगाना और मिठाइयों का आदान-प्रदान करना
- पारिवारिक मिलन और साथ में भोजन करना
- भद्रा काल से बचते हुए दिन के शुभ मुहूर्त का पालन करना
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में रक्षा बंधन कब है?+
2026 में यह 28 अगस्त को है। पूर्णिमा का त्योहार होने के कारण इसकी तिथि और राखी बांधने का शुभ समय हर साल बदलता रहता है, इसलिए वर्तमान पंचांग से इसकी पुष्टि अवश्य करें।
रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है?+
यह भाई-बहन के अटूट बंधन का उत्सव है; बहन रक्षा सूत्र बांधती है और भाई उसकी देखभाल और रक्षा करने का संकल्प लेता है।
लोग जिस भद्रा काल का उल्लेख करते हैं, वह क्या है?+
भद्रा तिथि का वह हिस्सा है जिसे पंचांग परंपरा में अनुष्ठान के लिए अनुपयुक्त माना जाता है, इसलिए परिवार आमतौर पर भद्रा के बाहर के अनुशंसित शुभ समय में ही राखी बांधते हैं।
इसका पंचांग महत्व क्या है?+
यह श्रावण मास की पूर्णिमा को आता है, जो कुछ समुदायों में वैदिक उपकर्म के अनुष्ठान से भी जुड़ा हुआ दिन है।