रोहिणी नक्षत्र के बारे में
रोहिणी को चंद्रमा का प्रिय निवास माना जाता है, जो इसे सभी नक्षत्रों में सबसे अधिक उर्वर, समृद्ध और सौंदर्यपूर्ण बनाता है; इसके अधिष्ठाता देवता सृष्टिकर्ता ब्रह्मा हैं। बैलगाड़ी भौतिक और रचनात्मक पूर्णता की ओर निरंतर प्रगति का प्रतीक है। इस नक्षत्र के जातक अक्सर शारीरिक सौंदर्य, परिष्कृत सौंदर्यबोध और स्वाभाविक आकर्षण से संपन्न होते हैं। वे व्यावहारिक होते हैं और रचनात्मक कार्यों, सुख-सुविधाओं तथा प्रकृति के आनंद के प्रति गहराई से आकर्षित होते हैं।
मुख्य गुण
- सौंदर्य
- रचनात्मकता
- उर्वरता
- स्थिरता
- कलात्मकता
रोहिणी के पाद (चरण)
| पाद | नवांश राशि | अक्षर |
|---|---|---|
| 1 | मेष | O |
| 2 | वृषभ | Va |
| 3 | मिथुन | Vi |
| 4 | कर्क | Vu |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रोहिणी नक्षत्र क्या है?+
रोहिणी (Rohini) वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में 4वाँ है। यह निरयण राशिचक्र में 10°00′–23°20′ वृषभ तक फैला है और इसका स्वामी चंद्र है। इसके अधिष्ठाता देवता ब्रह्मा (प्रजापति) और प्रतीक बैलगाड़ी है। रोहिणी मनुष्य गण का है और इसकी योनि सर्प (साँप) है।
रोहिणी नक्षत्र के जातकों के व्यक्तित्व गुण क्या हैं?+
रोहिणी नक्षत्र में जन्मे लोग सामान्यतः सौंदर्य, रचनात्मकता, उर्वरता, स्थिरता, कलात्मकता जैसे गुणों से जुड़े होते हैं। बैलगाड़ी भौतिक और रचनात्मक पूर्णता की ओर निरंतर प्रगति का प्रतीक है। इस नक्षत्र के जातक अक्सर शारीरिक सौंदर्य, परिष्कृत सौंदर्यबोध और स्वाभाविक आकर्षण से संपन्न होते हैं। वे व्यावहारिक होते हैं और रचनात्मक कार्यों, सुख-सुविधाओं तथा प्रकृति के आनंद के प्रति गहराई से आकर्षित होते हैं।
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?+
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्र है। विंशोत्तरी दशा प्रणाली में, रोहिणी में चंद्रमा के साथ जन्मा व्यक्ति अपने जीवन का आरंभ चंद्र की दशा से करता है। चंद्र की ग्रह-ऊर्जा इस नक्षत्र की प्रकृति और क्षमता को गहराई से प्रभावित करती है।
रोहिणी नक्षत्र का अधिष्ठाता देवता कौन है?+
रोहिणी नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता ब्रह्मा (प्रजापति) हैं। यह दिव्य ऊर्जा उच्च आध्यात्मिक उद्देश्य और उन प्रारूपिक विषयों को आकार देती है जिनका सामना रोहिणी जातक जीवन भर करते हैं।
रोहिणी नक्षत्र विवाह के लिए कैसा है?+
वैदिक कुंडली मिलान (गुण मिलान) में रोहिणी का गण मनुष्य और योनि (पशु प्रतीक) सर्प (साँप) है — ये आठ कूटों में से दो हैं जो कुंडली मिलान में देखे जाते हैं। विवाह के लिए कोई नक्षत्र सर्वथा अच्छा या बुरा नहीं होता; अनुकूलता इस पर निर्भर करती है कि ये कारक साथी के नक्षत्र से कैसे मेल खाते हैं। किसी भी जोड़ी को हमारे कुंडली मिलान टूल से जाँचें।