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No.8

पुष्य नक्षत्र

Pushya

3°20′–16°40′ कर्क · स्वामी: शनि · देवता: बृहस्पति · देव गण

पोषणअनुशासनभक्तिविवेकस्थिरता

पुष्य नक्षत्र के बारे में

ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र को पारंपरिक रूप से सबसे शुभ नक्षत्र माना जाता है, जिसका स्वामी शनि है और इसके अधिष्ठाता देव देवताओं के गुरु बृहस्पति हैं। इसका प्रतीक—गाय का थन—पोषण, भरण-पोषण और उस धैर्यपूर्ण देखभाल को दर्शाता है जो स्थायी समृद्धि प्रदान करती है। इस नक्षत्र के जातक जिम्मेदार, आध्यात्मिक और दूसरों के पोषण की गहरी क्षमता रखने वाले होते हैं, जो अक्सर शिक्षण, मार्गदर्शन या सामुदायिक नेतृत्व की भूमिकाओं में सफल होते हैं।

मुख्य गुण

  • पोषण
  • अनुशासन
  • भक्ति
  • विवेक
  • स्थिरता

पुष्य के पाद (चरण)

पादनवांश राशिअक्षर
1सिंहHu
2कन्याHe
3तुलाHo
4वृश्चिकDa

पुष्य के लिए शिशु नाम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुष्य नक्षत्र क्या है?+

पुष्य (Pushya) वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में 8वाँ है। यह निरयण राशिचक्र में 3°20′–16°40′ कर्क तक फैला है और इसका स्वामी शनि है। इसके अधिष्ठाता देवता बृहस्पति और प्रतीक गाय का थन / पुष्प है। पुष्य देव गण का है और इसकी योनि मेष (भेड़) है।

पुष्य नक्षत्र के जातकों के व्यक्तित्व गुण क्या हैं?+

पुष्य नक्षत्र में जन्मे लोग सामान्यतः पोषण, अनुशासन, भक्ति, विवेक, स्थिरता जैसे गुणों से जुड़े होते हैं। इसका प्रतीक—गाय का थन—पोषण, भरण-पोषण और उस धैर्यपूर्ण देखभाल को दर्शाता है जो स्थायी समृद्धि प्रदान करती है। इस नक्षत्र के जातक जिम्मेदार, आध्यात्मिक और दूसरों के पोषण की गहरी क्षमता रखने वाले होते हैं, जो अक्सर शिक्षण, मार्गदर्शन या सामुदायिक नेतृत्व की भूमिकाओं में सफल होते हैं।

पुष्य नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?+

पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि है। विंशोत्तरी दशा प्रणाली में, पुष्य में चंद्रमा के साथ जन्मा व्यक्ति अपने जीवन का आरंभ शनि की दशा से करता है। शनि की ग्रह-ऊर्जा इस नक्षत्र की प्रकृति और क्षमता को गहराई से प्रभावित करती है।

पुष्य नक्षत्र का अधिष्ठाता देवता कौन है?+

पुष्य नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता बृहस्पति हैं। यह दिव्य ऊर्जा उच्च आध्यात्मिक उद्देश्य और उन प्रारूपिक विषयों को आकार देती है जिनका सामना पुष्य जातक जीवन भर करते हैं।

पुष्य नक्षत्र विवाह के लिए कैसा है?+

वैदिक कुंडली मिलान (गुण मिलान) में पुष्य का गण देव और योनि (पशु प्रतीक) मेष (भेड़) है — ये आठ कूटों में से दो हैं जो कुंडली मिलान में देखे जाते हैं। विवाह के लिए कोई नक्षत्र सर्वथा अच्छा या बुरा नहीं होता; अनुकूलता इस पर निर्भर करती है कि ये कारक साथी के नक्षत्र से कैसे मेल खाते हैं। किसी भी जोड़ी को हमारे कुंडली मिलान टूल से जाँचें।

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