प्रयागराज — आज का पंचांग
पंचांग के पाँच अंग
सूर्य और चंद्र
शुभ मुहूर्त
त्याज्य अवधि
दिन का चौघड़िया
पंचांग-विवरण
अंग प्रयागराज के लिए वास्तविक निरयन सूर्य व चंद्र से गणना किए जाते हैं; मुहूर्त अवधियाँ परंपरागत दिन-विभाजन नियमों पर आधारित हैं और संदर्भ के लिए दी गई हैं। समय IST में हैं और प्रतिदिन अपडेट होते हैं।
अन्य शहरों का आज का पंचांग
आगामी व्रत और त्योहार
पंचांग क्या है और इसका महत्व क्या है?
पंचांग (शाब्दिक अर्थ “पाँच अंग”) पारंपरिक हिन्दू कालदर्शक है जिससे किसी दिन का स्वरूप पढ़ा जाता है। इसके पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — सूर्य और चंद्रमा की सटीक स्थिति से गणना किए जाते हैं, इसलिए पंचांग हर दिन बदलता है और शहर के अनुसार थोड़ा अलग होता है। लोग इससे आज की तिथि जानते हैं, महत्वपूर्ण कार्य के लिए शुभ मुहूर्त चुनते हैं, और व्रत व त्योहार के दिन पहचानते हैं।
चूँकि सूर्योदय हर शहर में अलग होता है, इस पृष्ठ के मुहूर्त विशेष रूप से प्रयागराज के लिए गणना किए गए हैं। आज का पंचांग पढ़ने के लिए: पहले तिथि और पक्ष देखें, फिर नक्षत्र, इसके बाद शुभ अवधियाँ (अभिजित, ब्रह्म मुहूर्त) और टाली जाने वाली अवधियाँ (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल) जाँचें। किसी अन्य शहर या तिथि के लिए हमारा पंचांग टूल इस्तेमाल करें।
प्रयागराज पंचांग — प्रश्न
प्रयागराज में आज (सोमवार, 7 सितंबर 2026) की तिथि एकादशी (कृष्ण पक्ष) है और चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में है। आज का वार सोमवार है।
प्रयागराज में आज राहु काल 07:20 am – 08:54 am (IST) है — यह समय परंपरागत रूप से महत्वपूर्ण नए कार्य शुरू करने के लिए टाला जाता है।
आज (सोमवार, 7 सितंबर 2026) एकादशी तिथि है, कृष्ण पक्ष की, जो 05:04 pm IST पर समाप्त होती है।
आज अभिजित मुहूर्त 11:37 am – 12:27 pm (IST) है — दोपहर के आसपास एक छोटी, सामान्यतः शुभ अवधि। महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए राहु काल (07:20 am – 08:54 am) से बचें।
आज कोई प्रमुख व्रत/त्योहार नहीं है। अगला Hartalika Teej सोम, 14 सितंबर को है।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण सूर्य व चंद्रमा की वास्तविक सायन-निरयन स्थितियों से निकाले जाते हैं; सूर्योदय/सूर्यास्त चुने गए शहर के लिए खगोलीय गणना से। मुहूर्त अवधियाँ परंपरागत दिन-विभाजन नियमों का पालन करती हैं।