ग्रह स्थिति · 11 सितंबर 2026
अभी ग्रह कहाँ हैं
प्रत्येक ग्रह की वर्तमान सिडरियल स्थिति, लाहिरी अयनांश से — वही प्रणाली जो वैदिक कुंडली में प्रयुक्त होती है। वक्री ग्रह चिह्नित हैं। वास्तविक एफ़ेमेरिस स्थिति से गणना, नकल नहीं।
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र | गति |
|---|---|---|---|---|
| सूर्य | सिंहस्वामी सूर्य | 24.55° | Purva Phalguni (4)स्वामी शुक्र | मार्गी |
| चंद्र | सिंहस्वामी सूर्य | 29.07° | Uttara Phalguni (1)स्वामी सूर्य | मार्गी |
| बुध | कन्यास्वामी बुध | 7.15° | Uttara Phalguni (4)स्वामी सूर्य | मार्गी |
| शुक्र | तुलास्वामी शुक्र | 6.52° | Chitra (4)स्वामी मंगल | मार्गी |
| मंगल | मिथुनस्वामी बुध | 25.75° | Punarvasu (2)स्वामी गुरु | मार्गी |
| गुरु (बृहस्पति) | कर्कस्वामी चंद्र | 21.64° | Ashlesha (2)स्वामी बुध | मार्गी |
| शनि | मीनस्वामी गुरु | 18.80° | Revati (1)स्वामी बुध | वक्री ℞ |
| राहु | कुम्भस्वामी शनि | 4.52° | Dhanishtha (4)स्वामी मंगल | वक्री ℞ |
| केतु | सिंहस्वामी सूर्य | 4.52° | Magha (2)स्वामी केतु | वक्री ℞ |
स्थितियाँ भूकेंद्रीय, सिडरियल (लाहिरी), आज 12:00 UTC के लिए गणना। चंद्र ~0.5°/घंटा चलता है; धीमे ग्रह दिन-प्रतिदिन मुश्किल से बदलते हैं।
ग्रह बल — उच्च, नीच व स्वराशि
| ग्रह | स्वभाव | स्वराशि | उच्च | नीच |
|---|---|---|---|---|
| सूर्य | पाप | सिंह | मेष | तुला |
| चंद्र | शुभ (शुक्ल) | कर्क | वृषभ | वृश्चिक |
| मंगल | पाप | मेष, वृश्चिक | मकर | कर्क |
| बुध | शुभ | मिथुन, कन्या | कन्या | मीन |
| गुरु | शुभ | धनु, मीन | कर्क | मकर |
| शुक्र | शुभ | वृषभ, तुला | मीन | कन्या |
| शनि | पाप | मकर, कुम्भ | तुला | मेष |
| राहु | पाप | — | वृषभ (मतभेद) | वृश्चिक (मतभेद) |
| केतु | पाप | — | वृश्चिक (मतभेद) | वृषभ (मतभेद) |
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यह तालिका कैसे पढ़ें
प्रत्येक पंक्ति किसी ग्रह की वर्तमान सिडरियल स्थिति देती है। राशि वह राशि है जिसमें वह है, और उस राशि का स्वामी बताता है कि वह किस ग्रह का अतिथि है। अंश (0–30°) उसे राशि में स्थित करता है — 0° के निकट ग्रह अभी प्रवेश किया है, 30° के निकट राशि बदलने वाला है। नक्षत्र व उसका पाद चंद्र-नक्षत्र व चरण बताते हैं, जो पठन को सूक्ष्म करते और विंशोत्तरी दशा तय करते हैं। गति दर्शाती है कि ग्रह मार्गी है या वक्री। नीचे दी बल-तालिका के साथ पढ़ें: स्व या उच्च राशि का ग्रह स्वच्छ फल देता है, जबकि नीच या अस्त ग्रह निर्बल। ये गोचर आपके भावों को कैसे छूते हैं, यह जानने हेतु जन्म कुंडली चाहिए — यहाँ की स्थितियाँ सबके लिए समान आकाश हैं, अभी आपके लग्न हेतु व्यक्तिगत नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अभी राहु किस राशि में है?
इस समय राहु कुम्भ राशि में 4.5° पर है (सिडरियल/लाहिरी)। राहु सदैव वक्री रहता है।
ये सिडरियल (वैदिक) स्थितियाँ हैं या ट्रॉपिकल (पश्चिमी)?
ये सिडरियल (निरयण) स्थितियाँ हैं, लाहिरी अयनांश से गणना — वही प्रणाली जो वैदिक कुंडली व पंचांग में प्रयुक्त होती है। पश्चिमी (सायन) राशियाँ लगभग 24° आगे होती हैं।
अभी कौन-से ग्रह प्रभाव में (वक्री) हैं?
इस समय वक्री ग्रह: Shani (Saturn), Rahu (North Node), Ketu (South Node) (राहु–केतु सदैव वक्री)।