दिसंबर 2025 में 2 मासिक कार्तिगाई हैं। नीचे तिथि व समय दिए हैं, जो दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं।
दिसंबर 2025 में दो मासिक कार्तिगाई हैं — मासिक कार्तिगाई (गुरुवार, 4 दिसंबर, शुक्ल पक्ष) और मासिक कार्तिगाई (बुधवार, 31 दिसंबर, शुक्ल पक्ष)।
| तिथि | दिन | नाम | पक्ष / मास | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|---|---|
| 4 दिस॰ 2025 | गुरु | मासिक कार्तिगाई | शुक्ल · Margashirsha | 3 Dec, 12:26 PM | 4 Dec, 8:38 AM |
| 31 दिस॰ 2025 | बुध | मासिक कार्तिगाई | शुक्ल · Pausha | 1 Dec, 7:1 PM | 1 Jan, 1:48 AM |
सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।
मासिक कार्तिगाई चंद्र की कृत्तिका (कृत्तिका-मंडल) में मासिक वापसी का पर्व है। संध्या को द्वार पर दीप-पंक्तियाँ इसकी पहचान हैं — मुरुगन और ज्योति-स्तंभ रूपी शिव को अर्पित प्रकाश। यह नक्षत्र-आधारित पर्व है, तिथि-आधारित नहीं, इसीलिए इसकी तिथियाँ तिथि-व्रतों से भिन्न चलती हैं।
वर्ष की प्रमुख कार्तिगाई तमिल कार्तिगाई मास में आती है, जब कृत्तिका पूर्णिमा से मिलती है। तिरुवण्णामलै में अरुणाचल पर्वत पर महादीपम् जलाया जाता है — शिव के अनंत ज्योति-स्तंभ रूप में प्रकट होने की स्मृति — तमिल साहित्य के प्राचीनतम पर्वों में से एक।
2025 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 14 मासिक कार्तिगाई दिवस हैं — जब-जब चंद्र कृत्तिका नक्षत्र में गोचर करता है।
कृत्तिका मुरुगन का जन्म-नक्षत्र है — छह कृत्तिकाओं ने षडानन कार्तिकेय का पालन किया — इसलिए चंद्र के कृत्तिका में आने का दिन उन्हें समर्पित है।
तमिल कार्तिगाई मास (नवंबर–दिसंबर) की वार्षिक कार्तिगाई, जब कृत्तिका पूर्णिमा से मिलती है, कार्तिगाई दीपम् है — हर घर में दीप-पंक्तियाँ और तिरुवण्णामलै के अरुणाचल पर महादीपम्।
भक्त संध्या को तेल के दीप जलाते हैं, मुरुगन मंदिर जाते हैं और सरल उपवास रखते हैं। यह मुख्यतः तमिल परंपरा है जो दक्षिण भारत भर में मनाई जाती है।
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