विनायक (वरद) चतुर्थी प्रत्येक चंद्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है, जो गणेश जी को समर्पित है। संकष्टी के विपरीत व्रत मध्याह्न में खोला जाता है — चंद्र-दर्शन आवश्यक नहीं। भाद्रपद की विनायक चतुर्थी ही महान गणेश चतुर्थी है। नीचे तिथियाँ दिल्ली के लिए हैं।
| तिथि | दिन | नाम | पक्ष / मास | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|---|---|
| 3 जन॰ 2025 | शुक्र | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Pausha | 3 Jan, 1:8 AM | 3 Jan, 11:40 PM |
| 1 फ़र॰ 2025 | शनि | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Magha | 31 Jan, 1:59 PM | 1 Feb, 11:38 AM |
| 3 मार्च 2025 | सोम | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Phalguna | 2 Mar, 9:2 PM | 3 Mar, 6:2 PM |
| 1 अप्रैल 2025 | मंगल | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Chaitra | 2 Mar, 9:2 PM | 2 Apr, 2:32 AM |
| 30 अप्रैल 2025 | बुध | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Vaishakha | 29 Apr, 5:31 PM | 30 Apr, 2:12 PM |
| 30 मई 2025 | शुक्र | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Jyeshtha | 29 May, 11:18 PM | 30 May, 9:23 PM |
| 28 जून 2025 | शनि | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Ashadha | 27 Jun, 11:20 AM | 28 Jun, 9:54 AM |
| 28 जुल॰ 2025 | सोम | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Shravana | 27 Jul, 10:42 PM | 28 Jul, 11:24 PM |
| 27 अग॰ 2025 | बुध | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Bhadrapada | 26 Aug, 1:55 PM | 27 Aug, 3:45 PM |
| 25 सित॰ 2025 | गुरु | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Ashwina | 24 Sept, 4:52 AM | 25 Sept, 7:6 AM |
| 25 अक्टू॰ 2025 | शनि | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Kartika | 25 Oct, 1:20 AM | 26 Oct, 3:48 AM |
| 24 नव॰ 2025 | सोम | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Margashirsha | 23 Nov, 7:25 PM | 24 Nov, 9:22 PM |
| 23 दिस॰ 2025 | मंगल | विनायक चतुर्थी | शुक्ल · Pausha | 22 Dec, 10:52 AM | 23 Dec, 12:13 PM |
सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।
विनायक चतुर्थी शुक्ल पक्ष की चौथी तिथि को गणेश जी की मासिक पूजा है। विघ्नहर्ता गणेश की पूजा मध्याह्न में — उनके जन्म से जुड़े मुहूर्त में — दूर्वा, मोदक और नाम-जप से की जाती है। भक्त बुद्धि, सफलता और नए कार्यों से विघ्न हटाने हेतु यह व्रत रखते हैं।
प्रत्येक चंद्र मास में दो चतुर्थियाँ होती हैं: शुक्ल (विनायक) और कृष्ण (संकष्टी)। दोनों की लय — शुक्ल पक्ष में मध्याह्न पूजा, कृष्ण पक्ष में चंद्रोदय पूजा — मास के दोनों छोरों पर गणेश को स्थापित करती है। इस साइट पर दोनों की सूचियाँ गणना की गई हैं।
विनायक पूजा मध्याह्न काल में होती है, जो गणेश जन्म का पहर माना जाता है। पूजा के बाद प्रायः व्रत खोल दिया जाता है — संकष्टी की चंद्र-प्रतीक्षा से सरल विधि।
2025 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 13 विनायक चतुर्थी हैं — प्रत्येक चंद्र मास की शुक्ल चतुर्थी को एक।
दोनों गणेश जी की हैं, पर विनायक शुक्ल (बढ़ते) पक्ष की चतुर्थी है जिसकी पूजा मध्याह्न में होती है, जबकि संकष्टी कृष्ण पक्ष की है और व्रत चंद्रोदय के बाद ही खुलता है।
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी ही वार्षिक गणेश चतुर्थी है — दस दिवसीय उत्सव जो विसर्जन से पूर्ण होता है।
भक्त मध्याह्न गणेश पूजा तक उपवास रखते हैं, दूर्वा व मोदक अर्पित करते हैं और गणेश मंत्रों का जाप करते हैं। विधि परंपरा अनुसार भिन्न होती है।
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