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पंचांग व्रत कैलेंडर

2025 प्रदोष व्रत तिथियाँ और पूजा समय

प्रदोष व्रत प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी को होता है और भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी पूजा संध्या के प्रदोष काल में की जाती है। व्रत का नाम वार पर आधारित है — शनि प्रदोष (शनिवार) और सोम प्रदोष (सोमवार) सर्वाधिक प्रिय हैं। नीचे समय दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं।

तिथिदिननामपक्ष / मासतिथि आरंभतिथि समाप्तप्रदोष पूजा (से)
11 जन॰ 2025शनिशनि प्रदोषShukla · Pausha10:20 AM, 10 Jan8:22 AM, 11 Jan5:43 PM, 11 Jan onward
27 जन॰ 2025सोमसोम प्रदोषKrishna · Pausha8:55 PM, 26 Jan8:35 PM, 27 Jan5:57 PM, 27 Jan onward
10 फ़र॰ 2025सोमसोम प्रदोषShukla · Magha7:25 PM, 09 Feb6:57 PM, 10 Feb6:08 PM, 10 Feb onward
25 फ़र॰ 2025मंगलभौम प्रदोषKrishna · Magha1:45 PM, 24 Feb12:48 PM, 25 Feb6:19 PM, 25 Feb onward
11 मार्च 2025मंगलभौम प्रदोषShukla · Phalguna7:45 AM, 10 Mar8:14 AM, 11 Mar6:28 PM, 11 Mar onward
27 मार्च 2025गुरुगुरु प्रदोषKrishna · Phalguna1:43 AM, 27 Mar11:04 PM, 27 Mar6:37 PM, 27 Mar onward
10 अप्रैल 2025गुरुगुरु प्रदोषShukla · Chaitra10:55 PM, 09 Apr1:01 AM, 11 Apr6:44 PM, 10 Apr onward
25 अप्रैल 2025शुक्रशुक्र प्रदोषKrishna · Chaitra2:32 PM, 24 Apr11:45 AM, 25 Apr6:53 PM, 25 Apr onward
9 मई 2025शुक्रशुक्र प्रदोषShukla · Vaishakha12:29 PM, 08 May2:56 PM, 09 May7:02 PM, 09 May onward
24 मई 2025शनिशनि प्रदोषKrishna · Vaishakha10:30 PM, 23 May7:20 PM, 24 May7:11 PM, 24 May onward
8 जून 2025रविरवि प्रदोषShukla · Jyeshtha4:48 AM, 07 Jun7:18 AM, 08 Jun7:18 PM, 08 Jun onward
23 जून 2025सोमसोम प्रदोषKrishna · Jyeshtha1:22 AM, 23 Jun10:10 PM, 23 Jun7:23 PM, 23 Jun onward
8 जुल॰ 2025मंगलभौम प्रदोषShukla · Ashadha11:10 PM, 07 Jul12:38 AM, 09 Jul7:23 PM, 08 Jul onward
22 जुल॰ 2025मंगलभौम प्रदोषKrishna · Ashadha9:39 AM, 21 Jul7:06 AM, 22 Jul7:19 PM, 22 Jul onward
6 अग॰ 2025बुधबुध प्रदोषShukla · Shravana1:13 PM, 05 Aug2:09 PM, 06 Aug7:10 PM, 06 Aug onward
20 अग॰ 2025बुधबुध प्रदोषKrishna · Shravana3:33 PM, 19 Aug1:59 PM, 20 Aug6:57 PM, 20 Aug onward
5 सित॰ 2025शुक्रशुक्र प्रदोषShukla · Bhadrapada4:08 AM, 05 Sep3:13 AM, 06 Sep6:40 PM, 05 Sep onward
19 सित॰ 2025शुक्रशुक्र प्रदोषKrishna · Bhadrapada11:24 PM, 18 Sep11:37 PM, 19 Sep6:23 PM, 19 Sep onward
4 अक्टू॰ 2025शनिशनि प्रदोषShukla · Ashwina6:33 PM, 03 Oct5:09 PM, 04 Oct6:05 PM, 04 Oct onward
18 अक्टू॰ 2025शनिशनि प्रदोषKrishna · Ashwina11:12 AM, 17 Oct12:19 PM, 18 Oct5:50 PM, 18 Oct onward
3 नव॰ 2025सोमसोम प्रदोषShukla · Kartika5:09 PM, 04 Oct2:06 AM, 04 Nov5:36 PM, 03 Nov onward
17 नव॰ 2025सोमसोम प्रदोषKrishna · Kartika4:48 AM, 17 Nov7:12 AM, 18 Nov5:28 PM, 17 Nov onward
2 दिस॰ 2025मंगलभौम प्रदोषShukla · Margashirsha7:01 PM, 01 Dec3:57 PM, 02 Dec5:25 PM, 02 Dec onward
17 दिस॰ 2025बुधबुध प्रदोषKrishna · Margashirsha11:58 PM, 16 Dec2:33 AM, 18 Dec5:28 PM, 17 Dec onward

सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।

प्रदोष व्रत 2026प्रदोष व्रत 2027
अन्य व्रत कैलेंडर
एकादशी 2025अमावस्या 2025पूर्णिमा 2025संकष्टी चतुर्थी 2025मासिक शिवरात्रि 2025

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में कितने प्रदोष व्रत हैं?+

2025 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 24 प्रदोष व्रत हैं — प्रायः प्रति माह दो, प्रत्येक पक्ष में एक।

प्रदोष काल क्या है?+

प्रदोष काल सूर्यास्त के आस-पास लगभग ढाई घंटे की अवधि है (सूर्यास्त से लगभग 2 घंटे 24 मिनट तक) जब त्रयोदशी को शिव पूजा की जाती है। प्रत्येक तिथि इसका आरंभ दर्शाती है।

शनि प्रदोष क्यों विशेष है?+

शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष (शनि प्रदोष) शनि-दोष से राहत के लिए विशेष प्रभावी माना जाता है; सोम प्रदोष (सोमवार) मनोकामना और विवाह के लिए शुभ है।

प्रदोष व्रत कैसे करें?+

भक्त दिनभर व्रत रखते हैं, संध्या से पूर्व स्नान कर प्रदोष काल में शिव पूजा करते हैं — जल, बेलपत्र व दीप अर्पित कर प्रदोष व्रत कथा सुनते हैं। विधि परिवार अनुसार भिन्न होती है; महत्व भक्ति में माना जाता है, कठोरता में नहीं।

क्या प्रदोष व्रत में भोजन कर सकते हैं?+

कई लोग संध्या पूजा तक निर्जल व्रत रखकर बाद में पारण करते हैं; कुछ दिनभर फल-दूध लेते हैं। यह व्यक्तिगत चुनाव है — पूजा प्रत्येक तिथि के प्रदोष काल में की जाती है।

सबसे शक्तिशाली प्रदोष कौन-सा है?+

परंपरा अनुसार प्रत्येक वार के प्रदोष का अपना लाभ है — सोम (मनोकामना), भौम (आरोग्य व ऋण), शनि (शनि राहत), गुरु (रक्षा)। ये पारंपरिक मान्यताएँ हैं, गारंटी नहीं।

प्रदोष व्रत आपकी कुंडली के लिए क्या कहती है?

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