प्रदोष व्रत प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी को होता है और भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी पूजा संध्या के प्रदोष काल में की जाती है। व्रत का नाम वार पर आधारित है — शनि प्रदोष (शनिवार) और सोम प्रदोष (सोमवार) सर्वाधिक प्रिय हैं। नीचे समय दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं।
| तिथि | दिन | नाम | पक्ष / मास | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | प्रदोष पूजा (से) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 4 जन॰ 2027अगली | सोम | सोम प्रदोष | Krishna · Margashirsha | 4:09 PM, 03 Jan | 6:16 PM, 04 Jan | 5:38 PM, 04 Jan onward |
| 20 जन॰ 2027 | बुध | बुध प्रदोष | Shukla · Pausha | — | 1:12 AM, 21 Jan | 5:50 PM, 20 Jan onward |
| 3 फ़र॰ 2027 | बुध | बुध प्रदोष | Krishna · Pausha | 11:11 AM, 02 Feb | 1:51 PM, 03 Feb | 6:02 PM, 03 Feb onward |
| 18 फ़र॰ 2027 | गुरु | गुरु प्रदोष | Shukla · Magha | 5:32 PM, 17 Feb | 2:28 PM, 18 Feb | 6:14 PM, 18 Feb onward |
| 5 मार्च 2027 | शुक्र | शुक्र प्रदोष | Krishna · Magha | 7:25 AM, 04 Mar | 9:54 AM, 05 Mar | 6:24 PM, 05 Mar onward |
| 20 मार्च 2027 | शनि | शनि प्रदोष | Shukla · Phalguna | 11:18 PM, 19 Mar | 8:46 PM, 20 Mar | 6:33 PM, 20 Mar onward |
| 4 अप्रैल 2027 | रवि | रवि प्रदोष | Krishna · Phalguna | 4:27 AM, 04 Apr | 5:23 AM, 05 Apr | 6:41 PM, 04 Apr onward |
| 18 अप्रैल 2027 | रवि | रवि प्रदोष | Shukla · Chaitra | 9:28 AM, 17 Apr | 7:43 AM, 18 Apr | 6:49 PM, 18 Apr onward |
| 3 मई 2027 | सोम | सोम प्रदोष | Krishna · Chaitra | 7:52 PM, 02 May | 8:04 PM, 03 May | 6:58 PM, 03 May onward |
| 17 मई 2027 | सोम | सोम प्रदोष | Shukla · Vaishakha | 5:14 PM, 16 May | 4:29 PM, 17 May | 7:06 PM, 17 May onward |
| 2 जून 2027 | बुध | बुध प्रदोष | Krishna · Vaishakha | 9:40 AM, 01 Jun | 8:29 AM, 02 Jun | 7:15 PM, 02 Jun onward |
| 16 जून 2027 | बुध | बुध प्रदोष | Shukla · Jyeshtha | 2:31 AM, 16 Jun | 3:20 AM, 17 Jun | 7:21 PM, 16 Jun onward |
| 1 जुल॰ 2027 | गुरु | गुरु प्रदोष | Krishna · Jyeshtha | 8:31 PM, 30 Jun | 6:15 PM, 01 Jul | 7:24 PM, 01 Jul onward |
| 15 जुल॰ 2027 | गुरु | गुरु प्रदोष | Shukla · Ashadha | 1:11 PM, 14 Jul | 2:41 PM, 15 Jul | 7:22 PM, 15 Jul onward |
| 31 जुल॰ 2027 | शनि | शनि प्रदोष | Krishna · Ashadha | 2:18 AM, 31 Jul | 10:58 PM, 31 Jul | 7:14 PM, 31 Jul onward |
| 14 अग॰ 2027 | शनि | शनि प्रदोष | Shukla · Shravana | 5:22 AM, 14 Aug | 7:54 AM, 15 Aug | 7:03 PM, 14 Aug onward |
| 29 अग॰ 2027 | रवि | रवि प्रदोष | Krishna · Shravana | 12:43 PM, 28 Aug | 9:36 AM, 29 Aug | 6:48 PM, 29 Aug onward |
| 13 सित॰ 2027 | सोम | सोम प्रदोष | Shukla · Bhadrapada | 10:13 PM, 12 Sep | 12:40 AM, 14 Sep | 6:31 PM, 13 Sep onward |
| 27 सित॰ 2027 | सोम | सोम प्रदोष | Krishna · Bhadrapada | 7:50 PM, 26 Sep | 4:56 PM, 27 Sep | 6:14 PM, 27 Sep onward |
| 12 अक्टू॰ 2027 | मंगल | भौम प्रदोष | Shukla · Ashwina | 2:09 PM, 11 Oct | 4:14 PM, 12 Oct | 5:57 PM, 12 Oct onward |
| 27 अक्टू॰ 2027 | बुध | बुध प्रदोष | Krishna · Ashwina | 1:04 AM, 27 Oct | 10:50 PM, 27 Oct | 5:42 PM, 27 Oct onward |
| 11 नव॰ 2027 | गुरु | गुरु प्रदोष | Shukla · Kartika | 9:12 AM, 10 Nov | 10:08 AM, 11 Nov | 5:31 PM, 11 Nov onward |
| 25 नव॰ 2027 | गुरु | गुरु प्रदोष | Krishna · Kartika | 12:12 PM, 24 Nov | 10:51 AM, 25 Nov | 5:26 PM, 25 Nov onward |
| 11 दिस॰ 2027 | शनि | शनि प्रदोष | Shukla · Margashirsha | 2:53 AM, 11 Dec | 1:43 AM, 12 Dec | 5:26 PM, 11 Dec onward |
| 25 दिस॰ 2027 | शनि | शनि प्रदोष | Krishna · Margashirsha | 11:09 PM, 24 Dec | 11:32 PM, 25 Dec | 5:31 PM, 25 Dec onward |
सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।
2027 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 25 प्रदोष व्रत हैं — प्रायः प्रति माह दो, प्रत्येक पक्ष में एक।
प्रदोष काल सूर्यास्त के आस-पास लगभग ढाई घंटे की अवधि है (सूर्यास्त से लगभग 2 घंटे 24 मिनट तक) जब त्रयोदशी को शिव पूजा की जाती है। प्रत्येक तिथि इसका आरंभ दर्शाती है।
शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष (शनि प्रदोष) शनि-दोष से राहत के लिए विशेष प्रभावी माना जाता है; सोम प्रदोष (सोमवार) मनोकामना और विवाह के लिए शुभ है।
भक्त दिनभर व्रत रखते हैं, संध्या से पूर्व स्नान कर प्रदोष काल में शिव पूजा करते हैं — जल, बेलपत्र व दीप अर्पित कर प्रदोष व्रत कथा सुनते हैं। विधि परिवार अनुसार भिन्न होती है; महत्व भक्ति में माना जाता है, कठोरता में नहीं।
कई लोग संध्या पूजा तक निर्जल व्रत रखकर बाद में पारण करते हैं; कुछ दिनभर फल-दूध लेते हैं। यह व्यक्तिगत चुनाव है — पूजा प्रत्येक तिथि के प्रदोष काल में की जाती है।
परंपरा अनुसार प्रत्येक वार के प्रदोष का अपना लाभ है — सोम (मनोकामना), भौम (आरोग्य व ऋण), शनि (शनि राहत), गुरु (रक्षा)। ये पारंपरिक मान्यताएँ हैं, गारंटी नहीं।
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