Astrologger
EN|हिंदी
मुफ़्त शुरू करें
पंचांग व्रत कैलेंडर

2027 प्रदोष व्रत तिथियाँ और पूजा समय

प्रदोष व्रत प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी को होता है और भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी पूजा संध्या के प्रदोष काल में की जाती है। व्रत का नाम वार पर आधारित है — शनि प्रदोष (शनिवार) और सोम प्रदोष (सोमवार) सर्वाधिक प्रिय हैं। नीचे समय दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं।

अगली प्रदोष व्रत
सोम प्रदोष
142 दिन में · · Monday, January 4, 2027 · 5:38 PM, 04 Jan onward
तिथिदिननामपक्ष / मासतिथि आरंभतिथि समाप्तप्रदोष पूजा (से)
4 जन॰ 2027अगलीसोमसोम प्रदोषKrishna · Margashirsha4:09 PM, 03 Jan6:16 PM, 04 Jan5:38 PM, 04 Jan onward
20 जन॰ 2027बुधबुध प्रदोषShukla · Pausha1:12 AM, 21 Jan5:50 PM, 20 Jan onward
3 फ़र॰ 2027बुधबुध प्रदोषKrishna · Pausha11:11 AM, 02 Feb1:51 PM, 03 Feb6:02 PM, 03 Feb onward
18 फ़र॰ 2027गुरुगुरु प्रदोषShukla · Magha5:32 PM, 17 Feb2:28 PM, 18 Feb6:14 PM, 18 Feb onward
5 मार्च 2027शुक्रशुक्र प्रदोषKrishna · Magha7:25 AM, 04 Mar9:54 AM, 05 Mar6:24 PM, 05 Mar onward
20 मार्च 2027शनिशनि प्रदोषShukla · Phalguna11:18 PM, 19 Mar8:46 PM, 20 Mar6:33 PM, 20 Mar onward
4 अप्रैल 2027रविरवि प्रदोषKrishna · Phalguna4:27 AM, 04 Apr5:23 AM, 05 Apr6:41 PM, 04 Apr onward
18 अप्रैल 2027रविरवि प्रदोषShukla · Chaitra9:28 AM, 17 Apr7:43 AM, 18 Apr6:49 PM, 18 Apr onward
3 मई 2027सोमसोम प्रदोषKrishna · Chaitra7:52 PM, 02 May8:04 PM, 03 May6:58 PM, 03 May onward
17 मई 2027सोमसोम प्रदोषShukla · Vaishakha5:14 PM, 16 May4:29 PM, 17 May7:06 PM, 17 May onward
2 जून 2027बुधबुध प्रदोषKrishna · Vaishakha9:40 AM, 01 Jun8:29 AM, 02 Jun7:15 PM, 02 Jun onward
16 जून 2027बुधबुध प्रदोषShukla · Jyeshtha2:31 AM, 16 Jun3:20 AM, 17 Jun7:21 PM, 16 Jun onward
1 जुल॰ 2027गुरुगुरु प्रदोषKrishna · Jyeshtha8:31 PM, 30 Jun6:15 PM, 01 Jul7:24 PM, 01 Jul onward
15 जुल॰ 2027गुरुगुरु प्रदोषShukla · Ashadha1:11 PM, 14 Jul2:41 PM, 15 Jul7:22 PM, 15 Jul onward
31 जुल॰ 2027शनिशनि प्रदोषKrishna · Ashadha2:18 AM, 31 Jul10:58 PM, 31 Jul7:14 PM, 31 Jul onward
14 अग॰ 2027शनिशनि प्रदोषShukla · Shravana5:22 AM, 14 Aug7:54 AM, 15 Aug7:03 PM, 14 Aug onward
29 अग॰ 2027रविरवि प्रदोषKrishna · Shravana12:43 PM, 28 Aug9:36 AM, 29 Aug6:48 PM, 29 Aug onward
13 सित॰ 2027सोमसोम प्रदोषShukla · Bhadrapada10:13 PM, 12 Sep12:40 AM, 14 Sep6:31 PM, 13 Sep onward
27 सित॰ 2027सोमसोम प्रदोषKrishna · Bhadrapada7:50 PM, 26 Sep4:56 PM, 27 Sep6:14 PM, 27 Sep onward
12 अक्टू॰ 2027मंगलभौम प्रदोषShukla · Ashwina2:09 PM, 11 Oct4:14 PM, 12 Oct5:57 PM, 12 Oct onward
27 अक्टू॰ 2027बुधबुध प्रदोषKrishna · Ashwina1:04 AM, 27 Oct10:50 PM, 27 Oct5:42 PM, 27 Oct onward
11 नव॰ 2027गुरुगुरु प्रदोषShukla · Kartika9:12 AM, 10 Nov10:08 AM, 11 Nov5:31 PM, 11 Nov onward
25 नव॰ 2027गुरुगुरु प्रदोषKrishna · Kartika12:12 PM, 24 Nov10:51 AM, 25 Nov5:26 PM, 25 Nov onward
11 दिस॰ 2027शनिशनि प्रदोषShukla · Margashirsha2:53 AM, 11 Dec1:43 AM, 12 Dec5:26 PM, 11 Dec onward
25 दिस॰ 2027शनिशनि प्रदोषKrishna · Margashirsha11:09 PM, 24 Dec11:32 PM, 25 Dec5:31 PM, 25 Dec onward

सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।

प्रदोष व्रत 2025प्रदोष व्रत 2026
अन्य व्रत कैलेंडर
एकादशी 2027अमावस्या 2027पूर्णिमा 2027संकष्टी चतुर्थी 2027मासिक शिवरात्रि 2027

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में कितने प्रदोष व्रत हैं?+

2027 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 25 प्रदोष व्रत हैं — प्रायः प्रति माह दो, प्रत्येक पक्ष में एक।

प्रदोष काल क्या है?+

प्रदोष काल सूर्यास्त के आस-पास लगभग ढाई घंटे की अवधि है (सूर्यास्त से लगभग 2 घंटे 24 मिनट तक) जब त्रयोदशी को शिव पूजा की जाती है। प्रत्येक तिथि इसका आरंभ दर्शाती है।

शनि प्रदोष क्यों विशेष है?+

शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष (शनि प्रदोष) शनि-दोष से राहत के लिए विशेष प्रभावी माना जाता है; सोम प्रदोष (सोमवार) मनोकामना और विवाह के लिए शुभ है।

प्रदोष व्रत कैसे करें?+

भक्त दिनभर व्रत रखते हैं, संध्या से पूर्व स्नान कर प्रदोष काल में शिव पूजा करते हैं — जल, बेलपत्र व दीप अर्पित कर प्रदोष व्रत कथा सुनते हैं। विधि परिवार अनुसार भिन्न होती है; महत्व भक्ति में माना जाता है, कठोरता में नहीं।

क्या प्रदोष व्रत में भोजन कर सकते हैं?+

कई लोग संध्या पूजा तक निर्जल व्रत रखकर बाद में पारण करते हैं; कुछ दिनभर फल-दूध लेते हैं। यह व्यक्तिगत चुनाव है — पूजा प्रत्येक तिथि के प्रदोष काल में की जाती है।

सबसे शक्तिशाली प्रदोष कौन-सा है?+

परंपरा अनुसार प्रत्येक वार के प्रदोष का अपना लाभ है — सोम (मनोकामना), भौम (आरोग्य व ऋण), शनि (शनि राहत), गुरु (रक्षा)। ये पारंपरिक मान्यताएँ हैं, गारंटी नहीं।

प्रदोष व्रत आपकी कुंडली के लिए क्या कहती है?

अपनी जन्म कुंडली के आधार पर व्रत, शुभ काल और उपाय पर एआई ज्योतिषी से नि:शुल्क पूछें।

एआई ज्योतिषी से पूछें