पूर्णिमा, प्रत्येक चंद्र मास का पूर्ण-चाँद दिवस, व्रत, स्नान और दान का दिन है। कई प्रमुख त्योहार हैं — बुद्ध पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा और कार्तिक पूर्णिमा। नीचे तिथियाँ दिल्ली के लिए गणना की गई हैं।
| तिथि | दिन | नाम | पक्ष / मास | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|---|---|
| 22 जन॰ 2027अगली | शुक्र | पौष पूर्णिमा | Shukla · Pausha | 9:30 PM, 21 Jan | 5:47 PM, 22 Jan |
| 20 फ़र॰ 2027 | शनि | Magha Purnima | Shukla · Magha | 11:15 AM, 19 Feb | 8:00 AM, 20 Feb |
| 22 मार्च 2027 | सोम | फाल्गुन पूर्णिमा | Shukla · Phalguna | 6:22 PM, 21 Mar | 4:14 PM, 22 Mar |
| 20 अप्रैल 2027 | मंगल | चैत्र पूर्णिमा | Shukla · Chaitra | 6:22 PM, 21 Mar | 3:57 AM, 21 Apr |
| 20 मई 2027 | गुरु | Buddha Purnima | Shukla · Vaishakha | 4:03 PM, 19 May | 4:29 PM, 20 May |
| 19 जून 2027 | शनि | ज्येष्ठ पूर्णिमा | Shukla · Jyeshtha | 4:35 AM, 18 Jun | 6:14 AM, 19 Jun |
| 18 जुल॰ 2027 | रवि | Guru Purnima | Shukla · Ashadha | 6:49 PM, 17 Jul | 9:15 PM, 18 Jul |
| 17 अग॰ 2027 | मंगल | Raksha Bandhan / Shravana Purnima | Shukla · Shravana | 10:29 AM, 16 Aug | 12:59 PM, 17 Aug |
| 15 सित॰ 2027 | बुध | भाद्रपद पूर्णिमा | Shukla · Bhadrapada | 2:49 AM, 15 Sep | 4:33 AM, 16 Sep |
| 15 अक्टू॰ 2027 | शुक्र | Sharad Purnima | Shukla · Ashwina | 6:50 PM, 14 Oct | 7:17 PM, 15 Oct |
| 14 नव॰ 2027 | रवि | Kartik Purnima | Shukla · Kartika | 9:56 AM, 13 Nov | 8:56 AM, 14 Nov |
| 13 दिस॰ 2027 | सोम | मार्गशीर्ष पूर्णिमा | Shukla · Margashirsha | 11:55 PM, 12 Dec | 9:39 PM, 13 Dec |
सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।
2027 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 12 पूर्णिमा हैं — प्रत्येक चंद्र मास में एक पूर्ण चाँद (अधिक मास में एक अतिरिक्त)।
पूर्णिमा व्रत, स्नान, सत्यनारायण पूजा और दान के साथ मनाई जाती है। कई पूर्णिमाएँ प्रमुख त्योहार भी हैं।
बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख), गुरु पूर्णिमा (आषाढ़), रक्षाबंधन (श्रावण), शरद पूर्णिमा (आश्विन) और कार्तिक पूर्णिमा सर्वाधिक मनाई जाती हैं।
व्रत प्रायः सूर्योदय से रखा जाता है और संध्या को चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है। कई लोग सत्यनारायण कथा व पूजा करते हैं, स्नान व दान करते हैं। उपवास निर्जला से फलाहार तक — व्यक्तिगत चुनाव।
पूर्ण चाँद सत्यनारायण व्रत कथा के लिए शुभ माना जाता है, जो कल्याण, कृतज्ञता व मनोकामना पूर्ति हेतु की जाती है। यह अन्य दिनों में भी हो सकती है, पर पूर्णिमा पारंपरिक रूप से प्रिय है।
कई पूर्णिमाओं (विशेषकर शरद पूर्णिमा) पर भक्त पूर्ण चाँद को अर्घ्य देते हैं और चाँदनी में खीर रखते हैं, यह मानते हुए कि उसकी किरणें शीतल व पोषक हैं — यह भक्ति परंपरा है, गारंटीशुदा प्रभाव नहीं।
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