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पंचांग व्रत कैलेंडर

2027 कालाष्टमी तिथियाँ

कालाष्टमी प्रत्येक चंद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी है, जो काल भैरव — समय के अधिपति, शिव के उग्र रूप — को समर्पित है। मार्गशीर्ष की कालाष्टमी कालभैरव जयंती है। नीचे तिथियाँ दिल्ली के लिए हैं।

अगली कालाष्टमी
कालाष्टमी
140 दिन में · · Friday, January 29, 2027
तिथिदिननामपक्ष / मासतिथि आरंभतिथि समाप्त
29 जन॰ 2027अगलीशुक्रकालाष्टमीकृष्ण · Pausha29 Jan, 4:3 AM30 Jan, 4:58 AM
28 फ़र॰ 2027रविकालाष्टमीकृष्ण · Magha27 Feb, 9:55 PM28 Feb, 11:47 PM
29 मार्च 2027सोमकालाष्टमीकृष्ण · Phalguna28 Mar, 3:5 PM29 Mar, 5:11 PM
28 अप्रैल 2027बुधकालाष्टमीकृष्ण · Chaitra27 Apr, 9:58 AM28 Apr, 12:31 PM
28 मई 2027शुक्रकालाष्टमीकृष्ण · Vaishakha27 May, 4:5 AM28 May, 6:27 AM
27 जून 2027रविकालाष्टमीकृष्ण · Jyeshtha26 Jun, 9:52 PM27 Jun, 10:45 PM
26 जुल॰ 2027सोमकालाष्टमीकृष्ण · Ashadha25 Jul, 9:53 AM26 Jul, 10:25 AM
24 अग॰ 2027मंगलकालाष्टमीकृष्ण · Shravana23 Aug, 8:53 PM24 Aug, 8:25 PM
23 सित॰ 2027गुरुकालाष्टमीकृष्ण · Bhadrapada23 Sept, 4:37 AM24 Sept, 2:57 AM
22 अक्टू॰ 2027शुक्रकालाष्टमीकृष्ण · Ashwina21 Oct, 1:43 PM22 Oct, 11:56 AM
20 दिस॰ 2027सोमकालाष्टमीकृष्ण · Margashirsha20 Dec, 3:34 AM21 Dec, 1:53 AM

सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।

कालाष्टमी 2025कालाष्टमी 2026

कालाष्टमी क्या है?

कालाष्टमी कृष्ण पक्ष की अष्टमी को काल भैरव की मासिक रात्रि है। भैरव भय-निवारक, अन्याय के दंडक और काल के स्वामी रूप में पूजित हैं; उनका व्रत परंपरागत रूप से रक्षा, अनुशासन और राहु-शनि जनित कष्टों से राहत हेतु रखा जाता है।

भैरव पूजा

पूजा संध्या या रात्रि में होती है — सरसों-तेल का दीपक, काले तिल और आदि शंकराचार्य का कालभैरवाष्टकम् इसका हृदय हैं। इस दिन भैरव के सहचर श्वानों को भोजन कराना विशेष पुण्यकारी माना जाता है।

अन्य व्रत कैलेंडर
एकादशी 2027प्रदोष व्रत 2027अमावस्या 2027पूर्णिमा 2027संकष्टी चतुर्थी 2027मासिक शिवरात्रि 2027विनायक चतुर्थी 2027स्कन्द षष्ठी 2027मासिक दुर्गाष्टमी 2027मासिक कार्तिगाई 2027भानु सप्तमी 2027

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में कितनी कालाष्टमी हैं?+

2027 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 11 कालाष्टमी हैं — प्रत्येक चंद्र मास की कृष्ण अष्टमी को एक, जिनमें मार्गशीर्ष की कालभैरव जयंती है।

काल भैरव कौन हैं?+

काल भैरव शिव का उग्र स्वरूप हैं — काल के स्वामी और तीर्थों के क्षेत्रपाल — विशेषतः काशी के, जहाँ वे नगर के कोतवाल माने जाते हैं।

कालभैरव जयंती कब है?+

मार्गशीर्ष (नवंबर–दिसंबर) की कालाष्टमी कालभैरव जयंती — भैरव के प्राकट्य का दिन — मानी जाती है।

व्रत कैसे रखा जाता है?+

भक्त उपवास रखते हैं, रात्रि में सरसों-तेल के दीप से भैरव पूजा करते हैं, कालभैरवाष्टकम् का पाठ करते हैं और उनके वाहन श्वान को भोजन कराते हैं।

कालाष्टमी आपकी कुंडली के लिए क्या कहती है?

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