स्कन्द षष्ठी प्रत्येक चंद्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी (छठी तिथि) है, जो शिव-पुत्र स्कन्द — कार्तिकेय या मुरुगन — को समर्पित है। कार्तिक मास की षष्ठी, जो तमिल परंपरा में सूरसंहारम् के रूप में भव्यता से मनाई जाती है, प्रमुख है। नीचे तिथियाँ दिल्ली के लिए हैं।
| तिथि | दिन | नाम | पक्ष / मास | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|---|---|
| 13 जन॰ 2027अगली | बुध | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Pausha | 12 Jan, 11:30 AM | 13 Jan, 1:2 PM |
| 12 फ़र॰ 2027 | शुक्र | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Magha | 12 Feb, 3:19 AM | 13 Feb, 2:59 AM |
| 13 मार्च 2027 | शनि | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Phalguna | 12 Mar, 2:58 PM | 13 Mar, 1:55 PM |
| 12 अप्रैल 2027 | सोम | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Chaitra | 11 Apr, 9:40 PM | 12 Apr, 7:35 PM |
| 11 मई 2027 | मंगल | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Vaishakha | 11 Apr, 9:40 PM | 12 May, 1:24 AM |
| 9 जून 2027 | बुध | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Jyeshtha | 8 Jun, 12:22 PM | 9 Jun, 9:36 AM |
| 8 जुल॰ 2027 | गुरु | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Ashadha | 7 Jul, 6:44 PM | 8 Jul, 4:8 PM |
| 7 अग॰ 2027 | शनि | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Shravana | 7 Aug, 12:23 AM | 7 Aug, 11:1 PM |
| 5 सित॰ 2027 | रवि | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Bhadrapada | 4 Sept, 12:26 PM | 5 Sept, 11:18 AM |
| 5 अक्टू॰ 2027 | मंगल | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Ashwina | 5 Oct, 1:36 AM | 6 Oct, 2:33 AM |
| 4 नव॰ 2027 | गुरु | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Kartika | 3 Nov, 7:32 PM | 4 Nov, 9:38 PM |
| 3 दिस॰ 2027 | शुक्र | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Margashirsha | 2 Dec, 1:44 PM | 3 Dec, 4:14 PM |
सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।
स्कन्द षष्ठी प्रत्येक मास शुक्ल पक्ष की छठी तिथि को कार्तिकेय (मुरुगन) की पूजा है। यह तिथि उन्हीं की है — षष्ठी देवी उनके पालन से जुड़ी हैं — और भक्त साहस, आंतरिक शत्रुओं पर विजय और संतान के कल्याण हेतु इसे रखते हैं।
कार्तिक की वार्षिक स्कन्द षष्ठी उस छह-दिवसीय युद्ध की स्मृति है जिसमें मुरुगन ने सुरपद्मन का वध किया — तिरुचेन्दूर और विश्वभर के मुरुगन मंदिरों में नाट्य-रूप में मनाई जाती है। मासिक षष्ठियाँ वही भक्ति वर्षभर आगे बढ़ाती हैं।
2027 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 12 स्कन्द षष्ठी हैं — प्रत्येक चंद्र मास की शुक्ल षष्ठी को एक।
स्कन्द — कार्तिकेय, मुरुगन या सुब्रह्मण्य — शिव-पार्वती के पुत्र और देव-सेनापति हैं, तमिल परंपरा में विशेष पूजित।
कार्तिक मास (तमिल ऐप्पसि) की दीपावली के बाद की षष्ठी महान स्कन्द षष्ठी है, जो सूरसंहारम् — सुरपद्मन पर विजय — से पूर्ण होती है।
भक्त दिनभर उपवास रखते हैं, मुरुगन मंदिर जाते हैं और स्कन्द षष्ठी कवचम् का पाठ करते हैं। विधि क्षेत्र व भक्ति अनुसार भिन्न होती है।
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