स्कन्द षष्ठी प्रत्येक चंद्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी (छठी तिथि) है, जो शिव-पुत्र स्कन्द — कार्तिकेय या मुरुगन — को समर्पित है। कार्तिक मास की षष्ठी, जो तमिल परंपरा में सूरसंहारम् के रूप में भव्यता से मनाई जाती है, प्रमुख है। नीचे तिथियाँ दिल्ली के लिए हैं।
| तिथि | दिन | नाम | पक्ष / मास | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|---|---|
| 24 जन॰ 2026 | शनि | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Magha | 24 Jan, 1:46 AM | 25 Jan, 12:40 AM |
| 22 फ़र॰ 2026 | रवि | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Phalguna | 21 Feb, 1:1 PM | 22 Feb, 11:10 AM |
| 24 मार्च 2026 | मंगल | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Chaitra | 23 Mar, 6:39 PM | 24 Mar, 4:8 PM |
| 22 अप्रैल 2026 | बुध | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Vaishakha | 22 Apr, 1:20 AM | 22 Apr, 10:50 PM |
| 21 मई 2026 | गुरु | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Jyeshtha | 20 May, 11:7 AM | 21 May, 8:27 AM |
| 19 जून 2026 | शुक्र | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Jyeshtha | 18 Jun, 6:59 PM | 19 Jun, 5:0 PM |
| 19 जुल॰ 2026 | रवि | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Ashadha | 19 Jul, 3:43 AM | 20 Jul, 3:30 AM |
| 17 अग॰ 2026 | सोम | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Shravana | 16 Aug, 4:53 PM | 17 Aug, 5:1 PM |
| 16 सित॰ 2026अगली | बुध | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Bhadrapada | 15 Sept, 7:45 AM | 16 Sept, 9:0 AM |
| 16 अक्टू॰ 2026 | शुक्र | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Ashwina | 16 Oct, 3:25 AM | 17 Oct, 5:55 AM |
| 15 नव॰ 2026 | रवि | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Kartika | 14 Nov, 11:24 PM | 16 Nov, 2:1 AM |
| 15 दिस॰ 2026 | मंगल | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Margashirsha | 14 Dec, 7:16 PM | 15 Dec, 9:20 PM |
सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।
स्कन्द षष्ठी प्रत्येक मास शुक्ल पक्ष की छठी तिथि को कार्तिकेय (मुरुगन) की पूजा है। यह तिथि उन्हीं की है — षष्ठी देवी उनके पालन से जुड़ी हैं — और भक्त साहस, आंतरिक शत्रुओं पर विजय और संतान के कल्याण हेतु इसे रखते हैं।
कार्तिक की वार्षिक स्कन्द षष्ठी उस छह-दिवसीय युद्ध की स्मृति है जिसमें मुरुगन ने सुरपद्मन का वध किया — तिरुचेन्दूर और विश्वभर के मुरुगन मंदिरों में नाट्य-रूप में मनाई जाती है। मासिक षष्ठियाँ वही भक्ति वर्षभर आगे बढ़ाती हैं।
2026 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 12 स्कन्द षष्ठी हैं — प्रत्येक चंद्र मास की शुक्ल षष्ठी को एक।
स्कन्द — कार्तिकेय, मुरुगन या सुब्रह्मण्य — शिव-पार्वती के पुत्र और देव-सेनापति हैं, तमिल परंपरा में विशेष पूजित।
कार्तिक मास (तमिल ऐप्पसि) की दीपावली के बाद की षष्ठी महान स्कन्द षष्ठी है, जो सूरसंहारम् — सुरपद्मन पर विजय — से पूर्ण होती है।
भक्त दिनभर उपवास रखते हैं, मुरुगन मंदिर जाते हैं और स्कन्द षष्ठी कवचम् का पाठ करते हैं। विधि क्षेत्र व भक्ति अनुसार भिन्न होती है।
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