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2025 अमावस्या तिथियाँ (नया चाँद)

अमावस्या, प्रत्येक चंद्र मास के अंत का चाँद-रहित दिन, स्नान, दान और पितरों के तर्पण के लिए मनाई जाती है। सोमवार की अमावस्या सोमवती और मंगलवार की भौमवती अमावस्या कहलाती है। नीचे तिथियाँ दिल्ली के लिए गणना की गई हैं।

तिथिदिननामपक्ष / मासतिथि आरंभतिथि समाप्त
29 जन॰ 2025बुधMauni AmavasyaKrishna · Pausha7:36 PM, 28 Jan6:06 PM, 29 Jan
27 फ़र॰ 2025गुरुफाल्गुन अमावस्याKrishna · Magha11:09 AM, 26 Feb8:55 AM, 27 Feb
29 मार्च 2025शनिचैत्र अमावस्याKrishna · Phalguna7:55 PM, 28 Mar4:28 PM, 29 Mar
27 अप्रैल 2025रविवैशाख अमावस्याKrishna · Chaitra7:55 PM, 28 Mar1:01 AM, 28 Apr
27 मई 2025मंगलBhaumvati AmavasyaKrishna · Vaishakha12:12 PM, 26 May8:32 AM, 27 May
25 जून 2025बुधआषाढ़ अमावस्याKrishna · Jyeshtha7:00 PM, 24 Jun4:01 PM, 25 Jun
24 जुल॰ 2025गुरुश्रावण अमावस्याKrishna · Ashadha2:29 AM, 24 Jul12:41 AM, 25 Jul
23 अग॰ 2025शनिभाद्रपद अमावस्याKrishna · Shravana11:56 AM, 22 Aug11:36 AM, 23 Aug
21 सित॰ 2025रविMahalaya (Sarva Pitru) AmavasyaKrishna · Bhadrapada12:17 AM, 21 Sep1:24 AM, 22 Sep
21 अक्टू॰ 2025मंगलBhaumvati AmavasyaKrishna · Ashwina3:45 PM, 20 Oct5:55 PM, 21 Oct
20 नव॰ 2025गुरुमार्गशीर्ष अमावस्याKrishna · Kartika9:44 AM, 19 Nov12:17 PM, 20 Nov
20 दिस॰ 2025शनिपौष अमावस्याKrishna · Margashirsha4:59 AM, 19 Dec7:13 AM, 20 Dec

सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।

अमावस्या 2026अमावस्या 2027
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एकादशी 2025प्रदोष व्रत 2025पूर्णिमा 2025संकष्टी चतुर्थी 2025मासिक शिवरात्रि 2025

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में कितनी अमावस्या हैं?+

2025 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 12 अमावस्या हैं — प्रत्येक चंद्र मास के अंत में एक।

अमावस्या पर क्या किया जाता है?+

अमावस्या पारंपरिक रूप से स्नान, दान और पितरों के श्राद्ध/तर्पण का दिन है। माघ की मौनी अमावस्या मौन रहकर मनाई जाती है।

सोमवती और भौमवती अमावस्या क्या हैं?+

सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या सोमवती और मंगलवार को भौमवती अमावस्या कहलाती है — दोनों विशेष शुभ मानी जाती हैं।

अमावस्या पर पितृ तर्पण कैसे करें?+

अमावस्या श्राद्ध व तर्पण का दिन है — तिल-सहित जल अर्पित कर पितरों का स्मरण, प्रायः नदी तट पर या घर में दक्षिण मुख होकर। पितृ पक्ष में विशेष रूप से। विधि परिवार व क्षेत्र अनुसार भिन्न होती है।

अमावस्या पर क्या नहीं करना चाहिए?+

परंपरा अनुसार कुछ लोग अमावस्या को नए बड़े कार्य या मांगलिक अनुष्ठान (विवाह, गृहप्रवेश) आरंभ नहीं करते, इसे स्मरण, दान व शांत पूजा के लिए रखते हैं। ये पारंपरिक मान्यताएँ हैं; व्यक्तिगत मुहूर्त हेतु ज्योतिषी से परामर्श करें।

सबसे महत्वपूर्ण अमावस्या कौन-सी है?+

मौनी अमावस्या (माघ), जो मौन व स्नान से मनाई जाती है, और महालया अमावस्या (आश्विन), जो पितृ पक्ष समाप्त करती है, सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं। सोमवती अमावस्या अपनी दुर्लभता के लिए प्रिय है।

अमावस्या आपकी कुंडली के लिए क्या कहती है?

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