Astrologger
EN|हिंदी
मुफ़्त शुरू करें
पंचांग व्रत कैलेंडर

जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत

जनवरी 2026 में 3 प्रदोष व्रत हैं। नीचे तिथि व समय दिए हैं, जो दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं।

अगली प्रदोष व्रत
भौम प्रदोष
10 दिन में · · Tuesday, August 25, 2026 · 6:52 PM, 25 Aug onward
तिथिदिननामपक्ष / मासतिथि आरंभतिथि समाप्तप्रदोष पूजा (से)
1 जन॰ 2026गुरुगुरु प्रदोषShukla · Pausha10:22 PM, 01 Jan5:36 PM, 01 Jan onward
16 जन॰ 2026शुक्रशुक्र प्रदोषKrishna · Pausha8:17 PM, 15 Jan10:22 PM, 16 Jan5:47 PM, 16 Jan onward
30 जन॰ 2026शुक्रशुक्र प्रदोषShukla · Magha1:55 PM, 29 Jan11:09 AM, 30 Jan5:59 PM, 30 Jan onward

सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।

पूरे 2026 की प्रदोष व्रत देखें
अन्य व्रत कैलेंडर
एकादशी 2026अमावस्या 2026पूर्णिमा 2026संकष्टी चतुर्थी 2026मासिक शिवरात्रि 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में कितने प्रदोष व्रत हैं?+

2026 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 25 प्रदोष व्रत हैं — प्रायः प्रति माह दो, प्रत्येक पक्ष में एक।

प्रदोष काल क्या है?+

प्रदोष काल सूर्यास्त के आस-पास लगभग ढाई घंटे की अवधि है (सूर्यास्त से लगभग 2 घंटे 24 मिनट तक) जब त्रयोदशी को शिव पूजा की जाती है। प्रत्येक तिथि इसका आरंभ दर्शाती है।

शनि प्रदोष क्यों विशेष है?+

शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष (शनि प्रदोष) शनि-दोष से राहत के लिए विशेष प्रभावी माना जाता है; सोम प्रदोष (सोमवार) मनोकामना और विवाह के लिए शुभ है।

प्रदोष व्रत कैसे करें?+

भक्त दिनभर व्रत रखते हैं, संध्या से पूर्व स्नान कर प्रदोष काल में शिव पूजा करते हैं — जल, बेलपत्र व दीप अर्पित कर प्रदोष व्रत कथा सुनते हैं। विधि परिवार अनुसार भिन्न होती है; महत्व भक्ति में माना जाता है, कठोरता में नहीं।

क्या प्रदोष व्रत में भोजन कर सकते हैं?+

कई लोग संध्या पूजा तक निर्जल व्रत रखकर बाद में पारण करते हैं; कुछ दिनभर फल-दूध लेते हैं। यह व्यक्तिगत चुनाव है — पूजा प्रत्येक तिथि के प्रदोष काल में की जाती है।

सबसे शक्तिशाली प्रदोष कौन-सा है?+

परंपरा अनुसार प्रत्येक वार के प्रदोष का अपना लाभ है — सोम (मनोकामना), भौम (आरोग्य व ऋण), शनि (शनि राहत), गुरु (रक्षा)। ये पारंपरिक मान्यताएँ हैं, गारंटी नहीं।

प्रदोष व्रत आपकी कुंडली के लिए क्या कहती है?

अपनी जन्म कुंडली के आधार पर व्रत, शुभ काल और उपाय पर एआई ज्योतिषी से नि:शुल्क पूछें।

एआई ज्योतिषी से पूछें