सितंबर 2025 में संकष्टी चतुर्थी है। नीचे तिथि व समय दिए हैं, जो दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं।
| तिथि | दिन | नाम | पक्ष / मास | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | चंद्रोदय |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 10 सित॰ 2025 | बुध | संकष्टी चतुर्थी | Krishna · Bhadrapada | 6:29 PM, 09 Sep | 3:38 PM, 10 Sep | 8:01 PM, 10 Sep |
सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।
2025 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 11 संकष्टी चतुर्थी हैं — प्रत्येक चंद्र मास में एक।
संकष्टी व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही खोला जाता है, इसलिए चंद्रोदय समय तय करता है कि आप कब भोजन कर सकते हैं। नीचे प्रत्येक तिथि का दिल्ली चंद्रोदय दिया है।
माघ मास की संकष्टी चतुर्थी सकट चौथ (या लंबोदर संकष्टी) कहलाती है, जिसे माताएँ अपने बच्चों के कल्याण के लिए विशेष रूप से रखती हैं।
जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है तो वह अंगारकी चतुर्थी कहलाती है, गणेश पूजा हेतु विशेष प्रभावी मानी जाती है — एक अंगारकी को अनेक का फल कहा जाता है। यह वर्ष में एक-दो बार ही आती है।
भक्त दिनभर व्रत रखते हैं, गणेश पूजा व संकष्टी व्रत कथा करते हैं, और चंद्र दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलते हैं — प्रत्येक तिथि का चंद्रोदय समय ऊपर दिया है। मोदक या तिल-गुड़ अर्पित किए जाते हैं।
व्रत प्रायः चंद्रोदय तक रखा जाता है, फिर फलाहार से खोला जाता है — फल, साबूदाना, आलू, तिल व गुड़ सामान्य हैं। कठोरता व्यक्तिगत चुनाव है।
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