जून 2025 में 2 स्कन्द षष्ठी हैं। नीचे तिथि व समय दिए हैं, जो दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं।
जून 2025 में दो स्कन्द षष्ठी हैं — स्कन्द षष्ठी (रविवार, 1 जून, शुक्ल पक्ष) और स्कन्द षष्ठी (सोमवार, 30 जून, शुक्ल पक्ष)।
| तिथि | दिन | नाम | पक्ष / मास | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 जून 2025 | रवि | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Jyeshtha | 31 May, 8:15 PM | 1 Jun, 7:59 PM |
| 30 जून 2025 | सोम | स्कन्द षष्ठी | शुक्ल · Ashadha | 29 Jun, 9:15 AM | 30 Jun, 9:24 AM |
सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।
स्कन्द षष्ठी प्रत्येक मास शुक्ल पक्ष की छठी तिथि को कार्तिकेय (मुरुगन) की पूजा है। यह तिथि उन्हीं की है — षष्ठी देवी उनके पालन से जुड़ी हैं — और भक्त साहस, आंतरिक शत्रुओं पर विजय और संतान के कल्याण हेतु इसे रखते हैं।
कार्तिक की वार्षिक स्कन्द षष्ठी उस छह-दिवसीय युद्ध की स्मृति है जिसमें मुरुगन ने सुरपद्मन का वध किया — तिरुचेन्दूर और विश्वभर के मुरुगन मंदिरों में नाट्य-रूप में मनाई जाती है। मासिक षष्ठियाँ वही भक्ति वर्षभर आगे बढ़ाती हैं।
2025 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 13 स्कन्द षष्ठी हैं — प्रत्येक चंद्र मास की शुक्ल षष्ठी को एक।
स्कन्द — कार्तिकेय, मुरुगन या सुब्रह्मण्य — शिव-पार्वती के पुत्र और देव-सेनापति हैं, तमिल परंपरा में विशेष पूजित।
कार्तिक मास (तमिल ऐप्पसि) की दीपावली के बाद की षष्ठी महान स्कन्द षष्ठी है, जो सूरसंहारम् — सुरपद्मन पर विजय — से पूर्ण होती है।
भक्त दिनभर उपवास रखते हैं, मुरुगन मंदिर जाते हैं और स्कन्द षष्ठी कवचम् का पाठ करते हैं। विधि क्षेत्र व भक्ति अनुसार भिन्न होती है।
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