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पंचांग व्रत कैलेंडर

जून 2025 में एकादशी

जून 2025 में 2 एकादशी हैं। नीचे तिथि व समय दिए हैं, जो दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं।

तिथिदिननामपक्ष / मासतिथि आरंभतिथि समाप्तपारण (व्रत तोड़ना)
6 जून 2025शुक्रनिर्जला एकादशीShukla · Jyeshtha2:16 AM, 06 Jun4:48 AM, 07 Jun5:24 AM, 07 Jun–8:11 AM, 07 Jun
21 जून 2025शनिअपरा एकादशीKrishna · Jyeshtha9:50 AM, 20 Jun7:19 AM, 21 Jun5:25 AM, 22 Jun–8:12 AM, 22 Jun

सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।

पूरे 2025 की एकादशी देखें
अन्य व्रत कैलेंडर
प्रदोष व्रत 2025अमावस्या 2025पूर्णिमा 2025संकष्टी चतुर्थी 2025मासिक शिवरात्रि 2025

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में कितनी एकादशी हैं?+

2025 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 25 एकादशी व्रत हैं — अधिकांश माह में दो (शुक्ल और कृष्ण पक्ष)। अधिक मास होने पर पद्मिनी और परमा जैसी अतिरिक्त एकादशियाँ जुड़ती हैं।

पारण समय क्या है?+

पारण अगली सुबह (द्वादशी) सूर्योदय के बाद, दिन के प्रथम पंचमांश में और द्वादशी समाप्त होने से पहले किया जाता है — तथा हरि वासर में कभी नहीं। नीचे प्रत्येक तिथि का सटीक पारण समय दिया है।

सबसे महत्वपूर्ण एकादशी कौन-सी है?+

निर्जला एकादशी (बिना जल के) तथा देवशयनी व प्रबोधिनी (जो चातुर्मास आरंभ और समाप्त करती हैं) सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जाती हैं, पर हर एकादशी का अपना फल है।

एकादशी व्रत में क्या खा सकते हैं?+

परंपरागत रूप से अनाज (चावल, गेहूँ) और दालें वर्जित हैं। सामान्यतः फल, दूध व दुग्ध-उत्पाद, आलू व अन्य कंद, साबूदाना, मेवे और सेंधा नमक ग्रहण किए जाते हैं। कठोरता व्यक्तिगत चुनाव है — निर्जला से लेकर एक फलाहार तक।

क्या एकादशी पर जल पी सकते हैं?+

सामान्य एकादशी पर जल की अनुमति है। केवल निर्जला एकादशी (ज्येष्ठ) बिना जल के रखी जाती है। अधिकांश लोग फलाहार या आंशिक व्रत रखते हैं।

कुछ पंचांग एकादशी दो दिन क्यों दिखाते हैं?+

जब तिथि दो सूर्योदय स्पर्श करती है तो स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव परंपराएँ भिन्न दिन व्रत रख सकती हैं — वैष्णव प्रायः दूसरा दिन लेते हैं। हमारी तालिका तिथि नियम अनुसार मुख्य व्रत दिन देती है।

क्या ये तिथियाँ मेरे शहर के लिए सटीक हैं?+

तिथियाँ व समय दिल्ली के लिए स्विस एफ़ेमेरिस और लाहिरी अयनांश से गणना किए गए हैं। सूर्योदय-आधारित समय शहर अनुसार थोड़ा बदलते हैं; सटीक मिनटों के लिए स्थानीय पंचांग देखें।

एकादशी आपकी कुंडली के लिए क्या कहती है?

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