मोक्षदा एकादशी रविवार, 20 दिसंबर 2026 को है — शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष मास। यह मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी, जो गीता जयंती से जुड़ी है — वह दिन जब भगवद्गीता कही गई मानी जाती है।
समय नई दिल्ली के लिए, लाहिड़ी अयनांश पर आधारित पंचांग इंजन से गणना।
| वर्ष | तिथि | पक्ष | तिथि समय | पारण |
|---|---|---|---|---|
| 2025 | सोमवार, 1 दिसंबर 2025 | शुक्ल पक्ष | 30 Nov, 9:29 PM → 1 Dec, 7:1 PM | 2 Dec, 6:58 AM – 2 Dec, 9:3 AM |
| 2026 | रविवार, 20 दिसंबर 2026 | शुक्ल पक्ष | 19 Dec, 10:9 PM → 20 Dec, 8:15 PM | 21 Dec, 7:10 AM – 21 Dec, 9:14 AM |
| 2027 | गुरुवार, 9 दिसंबर 2027 | शुक्ल पक्ष | 9 Dec, 2:59 AM → 10 Dec, 3:20 AM | 10 Dec, 7:4 AM – 10 Dec, 9:8 AM |
मोक्षदा एकादशी हर वर्ष मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। चंद्र मास सौर कैलेंडर से छोटा होता है, इसलिए ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है — ऊपर दी गई तालिका में 2025, 2026, 2027 की तिथियाँ देखें। तिथि सूर्योदय के समय जो चल रही हो, उसी के अनुसार व्रत का दिन तय होता है।
एकादशी व्रत सूर्योदय से आरंभ होकर अगले दिन द्वादशी को पारण के साथ पूर्ण होता है। पारण सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करने का विधान है — मोक्षदा एकादशी के लिए यह समय ऊपर दिया गया है। व्रत का स्वरूप (निर्जल, फलाहार या सात्विक भोजन) परंपरा और सामर्थ्य पर निर्भर करता है।
मोक्षदा एकादशी रविवार, 20 दिसंबर 2026 (शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष मास) को है। तिथि 19 Dec, 10:9 PM से 20 Dec, 8:15 PM तक रहती है।
पारण सोमवार, 21 दिसंबर 2026 को 21 Dec, 7:10 AM से 21 Dec, 9:14 AM के बीच करना चाहिए। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करने का विधान है।
मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी, जो गीता जयंती से जुड़ी है — वह दिन जब भगवद्गीता कही गई मानी जाती है।