निर्जला एकादशी सोमवार, 14 जून 2027 को है — शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ मास। यह वह एकादशी जो पूर्णतः निर्जल रहकर की जाती है — परंपरा में इसे रखने से सभी चौबीस एकादशियों का फल कहा गया है।
समय नई दिल्ली के लिए, लाहिड़ी अयनांश पर आधारित पंचांग इंजन से गणना।
| वर्ष | तिथि | पक्ष | तिथि समय | पारण |
|---|---|---|---|---|
| 2025 | शुक्रवार, 6 जून 2025 | शुक्ल पक्ष | 6 Jun, 2:16 AM → 7 Jun, 4:48 AM | 7 Jun, 5:24 AM – 7 Jun, 8:11 AM |
| 2026 | गुरुवार, 25 जून 2026 | शुक्ल पक्ष | 24 Jun, 6:13 PM → 25 Jun, 8:10 PM | 26 Jun, 5:26 AM – 26 Jun, 8:13 AM |
| 2027 | सोमवार, 14 जून 2027 | शुक्ल पक्ष | 14 Jun, 2:12 AM → 15 Jun, 2:8 AM | 15 Jun, 5:24 AM – 15 Jun, 8:11 AM |
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में, भारतीय ग्रीष्म के सबसे तीव्र समय में पड़ने वाली निर्जला एकादशी सभी एकादशी व्रतों में सबसे कठिन है — सूर्योदय से अगली सुबह पारण तक न अन्न, न जल। इसे भीम एकादशी भी कहते हैं।
निर्जला एकादशी हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। चंद्र मास सौर कैलेंडर से छोटा होता है, इसलिए ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है — ऊपर दी गई तालिका में 2025, 2026, 2027 की तिथियाँ देखें। तिथि सूर्योदय के समय जो चल रही हो, उसी के अनुसार व्रत का दिन तय होता है।
एकादशी व्रत सूर्योदय से आरंभ होकर अगले दिन द्वादशी को पारण के साथ पूर्ण होता है। पारण सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करने का विधान है — निर्जला एकादशी के लिए यह समय ऊपर दिया गया है। व्रत का स्वरूप (निर्जल, फलाहार या सात्विक भोजन) परंपरा और सामर्थ्य पर निर्भर करता है।
निर्जला एकादशी सोमवार, 14 जून 2027 (शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ मास) को है। तिथि 14 Jun, 2:12 AM से 15 Jun, 2:8 AM तक रहती है।
पारण मंगलवार, 15 जून 2027 को 15 Jun, 5:24 AM से 15 Jun, 8:11 AM के बीच करना चाहिए। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करने का विधान है।
निर्जला एकादशी वह एकादशी जो पूर्णतः निर्जल रहकर की जाती है — परंपरा में इसे रखने से सभी चौबीस एकादशियों का फल कहा गया है।