उत्पन्ना एकादशी रविवार, 3 जनवरी 2027 को है — कृष्ण पक्ष, पौष मास। यह परंपरा में यह देवी एकादशी के प्रकट होने का दिन है, और यहीं से शेष एकादशियों की गणना मानी जाती है।
समय नई दिल्ली के लिए, लाहिड़ी अयनांश पर आधारित पंचांग इंजन से गणना।
| वर्ष | तिथि | पक्ष | तिथि समय | पारण |
|---|---|---|---|---|
| 2025 | सोमवार, 15 दिसंबर 2025 | कृष्ण पक्ष | 14 Dec, 6:50 PM → 15 Dec, 9:20 PM | 16 Dec, 7:8 AM – 16 Dec, 9:12 AM |
| 2027 | रविवार, 3 जनवरी 2027 | कृष्ण पक्ष | 2 Jan, 2:25 PM → 3 Jan, 4:9 PM | 4 Jan, 7:15 AM – 4 Jan, 9:20 AM |
| 2027 | गुरुवार, 23 दिसंबर 2027 | कृष्ण पक्ष | 22 Dec, 11:41 PM → 23 Dec, 11:12 PM | 24 Dec, 7:12 AM – 24 Dec, 9:15 AM |
उत्पन्ना एकादशी हर वर्ष पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। चंद्र मास सौर कैलेंडर से छोटा होता है, इसलिए ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है — ऊपर दी गई तालिका में 2025, 2027, 2027 की तिथियाँ देखें। तिथि सूर्योदय के समय जो चल रही हो, उसी के अनुसार व्रत का दिन तय होता है।
एकादशी व्रत सूर्योदय से आरंभ होकर अगले दिन द्वादशी को पारण के साथ पूर्ण होता है। पारण सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करने का विधान है — उत्पन्ना एकादशी के लिए यह समय ऊपर दिया गया है। व्रत का स्वरूप (निर्जल, फलाहार या सात्विक भोजन) परंपरा और सामर्थ्य पर निर्भर करता है।
उत्पन्ना एकादशी रविवार, 3 जनवरी 2027 (कृष्ण पक्ष, पौष मास) को है। तिथि 2 Jan, 2:25 PM से 3 Jan, 4:9 PM तक रहती है।
पारण सोमवार, 4 जनवरी 2027 को 4 Jan, 7:15 AM से 4 Jan, 9:20 AM के बीच करना चाहिए। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करने का विधान है।
उत्पन्ना एकादशी परंपरा में यह देवी एकादशी के प्रकट होने का दिन है, और यहीं से शेष एकादशियों की गणना मानी जाती है।