वरूथिनी एकादशी
वरूथिनी एकादशी रविवार, 2 मई 2027 को है — कृष्ण पक्ष, वैशाख मास।
समय नई दिल्ली के लिए, लाहिड़ी अयनांश पर आधारित पंचांग इंजन से गणना।
वरूथिनी एकादशी की तिथियाँ
| वर्ष | तिथि | पक्ष | तिथि समय | पारण |
|---|---|---|---|---|
| 2025 | गुरुवार, 24 अप्रैल 2025 | कृष्ण पक्ष | 23 Apr, 4:43 PM → 24 Apr, 2:32 PM | 25 Apr, 5:47 AM – 25 Apr, 8:24 AM |
| 2026 | सोमवार, 13 अप्रैल 2026 | कृष्ण पक्ष | 13 Apr, 1:17 AM → 14 Apr, 1:09 AM | 14 Apr, 6:55 AM – 14 Apr, 8:32 AM |
| 2027 | रविवार, 2 मई 2027 | कृष्ण पक्ष | 1 May, 6:54 PM → 2 May, 7:52 PM | 3 May, 5:40 AM – 3 May, 8:20 AM |
| 2028 | गुरुवार, 20 अप्रैल 2028 | कृष्ण पक्ष | 19 Apr, 4:15 PM → 20 Apr, 6:48 PM | 21 Apr, 5:50 AM – 21 Apr, 8:26 AM |
यह एकादशी कब पड़ती है
वरूथिनी एकादशी हर वर्ष वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। चंद्र मास सौर कैलेंडर से छोटा होता है, इसलिए ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है — ऊपर दी गई तालिका में 2025, 2026, 2027, 2028 की तिथियाँ देखें। तिथि सूर्योदय के समय जो चल रही हो, उसी के अनुसार व्रत का दिन तय होता है।
व्रत और पारण
एकादशी व्रत सूर्योदय से आरंभ होकर अगले दिन द्वादशी को पारण के साथ पूर्ण होता है। पारण सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करने का विधान है — वरूथिनी एकादशी के लिए यह समय ऊपर दिया गया है। व्रत का स्वरूप (निर्जल, फलाहार या सात्विक भोजन) परंपरा और सामर्थ्य पर निर्भर करता है।
सामान्य प्रश्न
वरूथिनी एकादशी कब है?
वरूथिनी एकादशी रविवार, 2 मई 2027 (कृष्ण पक्ष, वैशाख मास) को है। तिथि 1 May, 6:54 PM से 2 May, 7:52 PM तक रहती है।
वरूथिनी एकादशी का पारण समय क्या है?
पारण सोमवार, 3 मई 2027 को 3 May, 5:40 AM से 3 May, 8:20 AM के बीच करना चाहिए। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करने का विधान है।
वरूथिनी एकादशी क्यों रखी जाती है?
वरूथिनी एकादशी कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर रखी जाती है। सभी एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित हैं।