Astrologger
EN|हिंदी
मुफ़्त शुरू करें

विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर

अपना जन्म विवरण दर्ज करें और विंशोत्तरी पद्धति में अपनी वर्तमान महादशा एवं अंतर्दशा देखें — आपकी वास्तविक कुंडली से ग्रह-कालखंडों की पूरी समयरेखा।

मुफ़्त · कोई खाता नहीं · विंशोत्तरी पद्धति (लाहिरी)

आपकी दशा समयरेखा कैसे गणना होती है

विंशोत्तरी दशा नौ ग्रह-कालखंडों (महादशाओं) के एक निश्चित 120-वर्षीय चक्र पर चलती है। आपका आरंभ-बिंदु जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से तय होता है — यह निर्धारित करता है कि आप किस ग्रह की महादशा में और उसके कितने शेष समय के साथ जन्मे। इसके बाद महादशाएँ एक निश्चित क्रम में चलती हैं, जिनमें से प्रत्येक अंतर्दशाओं और प्रत्यंतर्दशाओं में विभाजित होती है। यह टूल आपकी सायन (लाहिरी) कुंडली से वर्तमान चल रही दशा निकालता है और पूरी समयरेखा प्रस्तुत करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विंशोत्तरी दशा क्या है?
विंशोत्तरी दशा वैदिक ज्योतिष में सर्वाधिक प्रयुक्त काल-निर्धारण पद्धति है। यह जीवन को नौ ग्रह-कालखंडों (महादशाओं) के 120-वर्षीय चक्र में विभाजित करती है, जिनमें से प्रत्येक किसी एक ग्रह द्वारा शासित होती है। इसे उस मानचित्र के रूप में पढ़ा जाता है कि किसी निश्चित समय पर कौन-सी ग्रह-ऊर्जाएँ सक्रिय हैं।
महादशा और अंतर्दशा में क्या अंतर है?
महादशा एक मुख्य कालखंड होती है जो एक ग्रह द्वारा शासित होती है और लगभग छह से बीस वर्षों तक चलती है। प्रत्येक महादशा के भीतर नौ ग्रहों द्वारा बारी-बारी शासित छोटी अंतर्दशाएँ (उपकाल) होती हैं जो मुख्य काल को रंग देती हैं। प्रत्यंतर्दशाएँ इसे और भी सूक्ष्म स्तर पर विभाजित करती हैं।
वर्तमान दशा का निर्धारण कैसे होता है?
आपका दशा क्रम जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से निर्धारित होता है, जो आपका आरंभ ग्रह और उसकी महादशा में बचा हुआ समय बताता है। वहाँ से काल एक निश्चित क्रम में चलते हैं, इसलिए सटीक जन्म समय और स्थान वर्तमान काल को अधिक विश्वसनीय बनाते हैं।
क्या दशा भविष्यवाणियाँ निश्चित होती हैं?
नहीं। दशा प्रत्येक ग्रह-काल से परंपरागत रूप से जुड़े मौसमों और विषयों का वर्णन करती है — समय और प्रवृत्तियाँ, न कि निश्चित घटनाएँ या भाग्य। इसे विशिष्ट परिणामों की गारंटी के बजाय चिंतन और योजना के एक दृष्टिकोण के रूप में सबसे अच्छा उपयोग किया जाता है।
प्रत्येक महादशा कितने वर्ष की होती है?
प्रत्येक ग्रह की विंशोत्तरी महादशा की अवधि निश्चित है — केतु 7, शुक्र 20, सूर्य 6, चंद्र 10, मंगल 7, राहु 18, गुरु 16, शनि 19 और बुध 17 वर्ष — कुल 120 वर्ष। आप कौन-सी दशा में हैं और कितने आगे हैं, यह जन्म के चंद्र नक्षत्र से निकाला जाता है; अपनी वर्तमान दशा देखने के लिए ऊपर विवरण डालें।