दिसंबर 2027 में 2 भानु सप्तमी हैं। नीचे तिथि व समय दिए हैं, जो दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं।
दिसंबर 2027 में दो भानु सप्तमी हैं — भानु सप्तमी (रविवार, 5 दिसंबर, शुक्ल पक्ष) और भानु सप्तमी (रविवार, 19 दिसंबर, कृष्ण पक्ष)।
| तिथि | दिन | नाम | पक्ष / मास | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|---|---|
| 5 दिस॰ 2027अगली | रवि | भानु सप्तमी | शुक्ल · Margashirsha | 4 Dec, 6:57 PM | 5 Dec, 9:37 PM |
| 19 दिस॰ 2027 | रवि | भानु सप्तमी | कृष्ण · Margashirsha | 19 Nov, 9:21 PM | 20 Dec, 3:34 AM |
सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।
भानु सप्तमी सूर्य की तिथि और सूर्य के वार का दुर्लभ संयोग है। इसे सूर्योदय अर्घ्य, आदित्य हृदयम् और प्रायः एक-दिवसीय व्रत से रखा जाता है। तिथि-वार संयोग पर निर्भर होने से वर्ष में गिनती की ही आती हैं — इस पृष्ठ की तिथियाँ दिल्ली के लिए सटीक गणना की गई हैं।
सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं और उनकी सप्तमी-विधियाँ परंपरा की प्राचीनतम परतों तक जाती हैं। माघ शुक्ल सप्तमी की रथ सप्तमी वर्ष की सबसे बड़ी सप्तमी है; भानु सप्तमी वही पूजा हर रविवार-सप्तमी संयोग तक विस्तारित करती है।
2027 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 3 भानु सप्तमी हैं — जब-जब सप्तमी तिथि रविवार से मिलती है।
सप्तमी तिथि सूर्य की है और रविवार उनका वार; दोनों के संयोग पर सूर्य-पूजा को परंपरा में सूर्यग्रहण-स्नान तुल्य पुण्य माना जाता है।
भक्त सूर्योदय से पूर्व स्नान कर उदित सूर्य को अर्घ्य देते हैं, आदित्य हृदयम् या सूर्य मंत्रों का पाठ करते हैं और नमक-रहित व्रत रखते हैं।
परंपरागत रूप से स्वास्थ्य, तेज और कुंडली में सूर्य-बल हेतु — आस्था के विषय, परंपरा के रूप में प्रस्तुत।
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