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आज का चौघड़िया — सूरत

शनिवार, 7 नवंबर 2026 · सूरत · समय IST में
आज का चौघड़िया — 24 शहर →

आज शनिवार, 7 नवंबर 2026 का सूरत का पूरा दिन-रात चौघड़िया नीचे तालिका में देखें।

दिन का चौघड़िया

काल (अशुभ)06:45 am – 08:10 am
शुभ (शुभ)08:10 am – 09:34 am
रोग (अशुभ)09:34 am – 10:59 am
उद्वेग (अशुभ)10:59 am – 12:23 pm
चर (शुभ)12:23 pm – 01:48 pm
लाभ (शुभ)01:48 pm – 03:12 pm
अमृत (शुभ)03:12 pm – 04:37 pm
काल (अशुभ)04:37 pm – 06:01 pm

रात का चौघड़िया

लाभ (शुभ)06:01 pm – 07:37 pm
उद्वेग (अशुभ)07:37 pm – 09:12 pm
शुभ (शुभ)09:12 pm – 10:48 pm
अमृत (शुभ)10:48 pm – 12:23 am
चर (शुभ)12:23 am – 01:59 am
रोग (अशुभ)01:59 am – 03:35 am
काल (अशुभ)03:35 am – 05:10 am
लाभ (शुभ)05:10 am – 06:46 am

हर चौघड़िया का अर्थ

चौघड़िया सात हैं, हर एक का एक ग्रह स्वामी है, और पूरी व्यवस्था इन्हीं सात की पुनरावृत्ति है। इनमें चार उपयोगी और तीन त्याज्य माने जाते हैं — पर "त्याज्य" का अर्थ सर्वथा वर्जित नहीं; तीनों का अपना पारंपरिक अपवाद है।

चौघड़ियास्वामीप्रकृतिपारंपरिक उपयोग
अमृतचंद्रशुभहर महत्वपूर्ण कार्य: विवाह की बात, पहली खरीद, औषधि, नया आरंभ।
शुभगुरुशुभविवाह, संस्कार, अनुबंध, पूजा-पाठ।
लाभबुधशुभव्यापार, सौदा, शिक्षा आरंभ, हर लाभकारी कार्य।
चरशुक्रतटस्थयात्रा और चलायमान कार्य; अन्य शुभ समय न मिलने पर भी प्रयोग।
उद्वेगसूर्यअशुभनए आरंभ के लिए टाला जाता है। सरकारी कार्य इसका पारंपरिक अपवाद है।
रोगमंगलअशुभसामान्यतः टाला जाता है; प्रतिस्पर्धा और विवाद के कार्य इसका अपवाद।
कालशनिअशुभआरंभ के लिए टाला जाता है। संचय — बचत, संग्रह — के लिए मान्य।

सूरत में आज का क्रम कैसे बनता है

दिन का पहला चौघड़िया सदैव उसी वार के स्वामी ग्रह का होता है — रविवार सूर्य का है, इसलिए उद्वेग से आरंभ; सोमवार चंद्र का है, इसलिए अमृत से। इसके बाद दिन एक निश्चित क्रम में चलता है — Udveg → Char → Labh → Amrit → Kaal → Shubh → Rog — हर खंड में एक कदम। सूर्यास्त के बाद वही सात दोहराए जाते हैं, पर रात में एक-एक के बजाय पाँच-पाँच कदम चले जाते हैं, इसीलिए रात की सूची कभी दिन जैसी नहीं होती।

वारदिन का आरंभरात का आरंभ
रविवारउद्वेगशुभ
सोमवारअमृतचर
मंगलवाररोगकाल
बुधवारलाभउद्वेग
गुरुवारशुभअमृत
शुक्रवारचररोग
शनिवार (आज)काललाभ

आज शनिवार है, इसलिए दिन का क्रम काल → शुभ → रोग → उद्वेग … चलता है; ऊपर की तालिका में सूरत के सटीक समय दिए हैं।

किस काम के लिए कौन-सा समय

चौघड़िया वह त्वरित मुहूर्त है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब विधिवत मुहूर्त न निकाला गया हो। व्यावहारिक क्रम सरल है: पहले अमृत, फिर शुभ, फिर लाभ, फिर चर। परंपरा में यात्रा चर में, धन-व्यापार लाभ में, संस्कार-अनुबंध शुभ में और स्थायित्व वाले कार्य अमृत में आरंभ किए जाते हैं।

दो बातें ध्यान में रखें। शुभ चौघड़िया राहु काल को रद्द नहीं करता — दोनों के एक साथ पड़ने पर परंपरा आरंभ करने से रोकती ही है, इसलिए समय तय करने से पहले दोनों देखें। दूसरी बात, चौघड़िया मोटा साधन है: यह केवल वार और सूर्योदय जानता है, आपकी कुंडली नहीं। विवाह, व्यापार-पंजीकरण या गृह-प्रवेश के लिए जन्म-कुंडली से निकाला मुहूर्त ही उचित है; यह पृष्ठ केवल पहली छलनी है।

उसी दिन का राहु काल समय तय करने से पहले अवश्य देखें।

ये समय सूरत के लिए ही क्यों

सूरत में आज सूर्योदय 06:45 am पर है। इस पृष्ठ का हर समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के अंतराल का एक अंश है, इसलिए यह तिथि के साथ-साथ स्थान से भी बदलता है। पूरे भारत में एक ही घड़ी चलती है, जो 82.5°E देशांतर पर आधारित है, पर सूरत उससे लगभग 9.7° पश्चिम है — सौर दृष्टि से लगभग 39 मिनट पीछे। इसलिए सूर्य सूरत के ऊपर वही स्थिति घड़ी के हिसाब से 39 मिनट बाद लेता है, और आठों भाग उसी के साथ खिसक जाते हैं। यही कारण है कि एक शहर की तालिका किसी दूसरे शहर के लिए सही नहीं होती, और यह पृष्ठ सूरत के अपने अक्षांश-देशांतर से गणना करता है।

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