Astrologger
ENहिंदी
AI से पूछें
पूर्णिमा

शनि पूर्णिमा कब है

शनि पूर्णिमा शनिवार, 20 फ़रवरी 2027 को है — तिथि 20 फ़रवरी सुबह 8:00 से 21 फ़रवरी सुबह 4:53 (नई दिल्ली)।

तिथि
शनिवार, 20 फ़रवरी 2027
तिथि प्रारंभ
20 फ़रवरी सुबह 8:00
तिथि समाप्त
21 फ़रवरी सुबह 4:53

समय नई दिल्ली (IST) के लिए, लाहिड़ी अयनांश पर आधारित पंचांग इंजन से गणना।

फ़रवरी 2027 की पूर्णिमा →सभी आगामी पूर्णिमा तिथियाँ →

शनि पूर्णिमा की सभी तिथियाँ

शनि पूर्णिमा की हर वर्ष की तिथि, तिथि समय और मास (नई दिल्ली, IST)
तिथितिथि समयपक्ष / मास (पूर्णिमांत)
शनिवार, 20 फ़रवरी 2027अगली20 फ़रवरी सुबह 8:00 से 21 फ़रवरी सुबह 4:53शुक्ल · माघ
शनिवार, 5 अगस्त 20284 अगस्त सुबह 11:52 से 5 अगस्त दोपहर 1:40शुक्ल · श्रावण
शनिवार, 26 सितंबर 202625 सितंबर रात 11:07 से 26 सितंबर रात 10:19शुक्ल · भाद्रपद
शनिवार, 3 जनवरी 20262 जनवरी शाम 6:54 से 3 जनवरी दोपहर 3:33शुक्ल · पौष
शनिवार, 9 अगस्त 20258 अगस्त दोपहर 2:12 से 9 अगस्त दोपहर 1:25शुक्ल · श्रावण
शनिवार, 12 अप्रैल 202512 अप्रैल रात 3:22 से 13 अप्रैल सुबह 5:52शुक्ल · चैत्र

शनि पूर्णिमा का महत्व

शनिवार को पड़ने वाली पूर्णिमा शनि पूर्णिमा कहलाती है। परंपरा में पूर्णिमा का व्रत व सत्यनारायण पूजा शनिवार की शनि उपासना से जुड़ जाते हैं — सरसों/तिल का तेल, पीपल के नीचे दीपक और ज़रूरतमंदों को दान प्रचलित है।

यह कब पड़ती है

शनि पूर्णिमा शनिवार को पड़ने वाली कोई भी पूर्णिमा होती है। चंद्र मास सौर वर्ष से छोटा होता है, इसलिए ग्रेगोरियन तारीख़ हर वर्ष बदलती है — और वार का संयोग होने से किसी वर्ष यह एक से अधिक बार आ सकती है, तो किसी वर्ष एक बार भी नहीं। व्रत का दिन इस पर निर्भर करता है कि सूर्योदय के समय कौन-सी तिथि चल रही है, इसलिए क्षेत्रीय पंचांगों में एक दिन का अंतर संभव है।

सामान्य प्रश्न

शनि पूर्णिमा कब है?

शनि पूर्णिमा शनिवार, 20 फ़रवरी 2027 को है — तिथि 20 फ़रवरी सुबह 8:00 से 21 फ़रवरी सुबह 4:53 (नई दिल्ली)। इसके बाद: शनिवार, 5 अगस्त 2028।

शनि पूर्णिमा की तिथि कब से कब तक है?

20 फ़रवरी 2027 की शनि पूर्णिमा के लिए तिथि 20 फ़रवरी सुबह 8:00 से 21 फ़रवरी सुबह 4:53 तक है (IST, नई दिल्ली)।

शनि पूर्णिमा किसे कहते हैं?

शनि पूर्णिमा शनिवार को पड़ने वाली कोई भी पूर्णिमा को कहते हैं। शनिवार को पड़ने वाली पूर्णिमा शनि पूर्णिमा कहलाती है। परंपरा में पूर्णिमा का व्रत व सत्यनारायण पूजा शनिवार की शनि उपासना से जुड़ जाते हैं — सरसों/तिल का तेल, पीपल के नीचे दीपक और ज़रूरतमंदों को दान प्रचलित है।

अन्य विशेष पूर्णिमा

शरद पूर्णिमाकार्तिक पूर्णिमागुरु पूर्णिमाबुद्ध पूर्णिमा

पूर्णिमा कब है — सभी आगामी तिथियाँ →