शरद पूर्णिमा कब है
शरद पूर्णिमा गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 को है — तिथि 14 अक्टूबर शाम 6:50 से 15 अक्टूबर शाम 7:17 (नई दिल्ली)।
समय नई दिल्ली (IST) के लिए, लाहिड़ी अयनांश पर आधारित पंचांग इंजन से गणना।
शरद पूर्णिमा की सभी तिथियाँ
| तिथि | तिथि समय | निशीथ काल | पक्ष / मास (पूर्णिमांत) |
|---|---|---|---|
| गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027अगली | 14 अक्टूबर शाम 6:50 से 15 अक्टूबर शाम 7:17 | 14 अक्टूबर रात 11:43 – 15 अक्टूबर रात 12:33 | शुक्ल · आश्विन |
| सोमवार, 2 अक्टूबर 2028 | 2 अक्टूबर शाम 7:34 से 3 अक्टूबर रात 9:55 | 2 अक्टूबर रात 11:47 – 3 अक्टूबर रात 12:36 | शुक्ल · आश्विन |
| रविवार, 25 अक्टूबर 2026 | 25 अक्टूबर सुबह 11:56 से 26 अक्टूबर सुबह 9:41 | 25 अक्टूबर रात 11:41 – 26 अक्टूबर रात 12:32 | शुक्ल · आश्विन |
| सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 | 6 अक्टूबर दोपहर 12:24 से 7 अक्टूबर सुबह 9:17 | 6 अक्टूबर रात 11:46 – 7 अक्टूबर रात 12:35 | शुक्ल · आश्विन |
शरद पूर्णिमा का महत्व
शरद पूर्णिमा, आश्विन मास की पूर्णिमा, वर्षा ऋतु का समापन करती है और कोजागरी या कौमुदी पूर्णिमा भी कहलाती है। परंपरा अनुसार इस रात चंद्रमा वर्ष में सबसे पूर्ण और उज्ज्वल माना जाता है; परिवार चाँदनी में खीर रखते हैं और अनेक लोग रात्रि जागरण कर लक्ष्मी पूजा करते हैं (कोजागरी — "कौन जाग रहा है?")।
यह कब पड़ती है
शरद पूर्णिमा आश्विन मास की पूर्णिमा होती है। चंद्र मास सौर वर्ष से छोटा होता है, इसलिए ग्रेगोरियन तारीख़ हर वर्ष बदलती है। व्रत का दिन इस पर निर्भर करता है कि सूर्योदय के समय कौन-सी तिथि चल रही है, इसलिए क्षेत्रीय पंचांगों में एक दिन का अंतर संभव है।
सामान्य प्रश्न
शरद पूर्णिमा कब है?
शरद पूर्णिमा गुरुवार, 14 अक्टूबर 2027 को है — तिथि 14 अक्टूबर शाम 6:50 से 15 अक्टूबर शाम 7:17 (नई दिल्ली)। इसके बाद: सोमवार, 2 अक्टूबर 2028।
शरद पूर्णिमा की तिथि कब से कब तक है?
14 अक्टूबर 2027 की शरद पूर्णिमा के लिए तिथि 14 अक्टूबर शाम 6:50 से 15 अक्टूबर शाम 7:17 तक है; निशीथ काल 14 अक्टूबर रात 11:43 – 15 अक्टूबर रात 12:33 (IST, नई दिल्ली)।
शरद पूर्णिमा किसे कहते हैं?
शरद पूर्णिमा आश्विन मास की पूर्णिमा को कहते हैं। शरद पूर्णिमा, आश्विन मास की पूर्णिमा, वर्षा ऋतु का समापन करती है और कोजागरी या कौमुदी पूर्णिमा भी कहलाती है। परंपरा अनुसार इस रात चंद्रमा वर्ष में सबसे पूर्ण और उज्ज्वल माना जाता है; परिवार चाँदनी में खीर रखते हैं और अनेक लोग रात्रि जागरण कर लक्ष्मी पूजा करते हैं (कोजागरी — "कौन जाग रहा है?")।