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आज का राहु काल — जयपुर

शनिवार, 7 नवंबर 2026 · जयपुर · समय IST में
आज का राहु काल — 24 शहर →

आज शनिवार, 7 नवंबर 2026 को जयपुर में राहु काल 09:26 am – 10:49 am (IST) है — इस अवधि में नए शुभ कार्य आरंभ करना पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

आज की त्याज्य अवधियाँ

राहु काल09:26 am – 10:49 am
यमगण्ड01:34 pm – 02:56 pm
गुलिक काल06:41 am – 08:04 am

इसके बदले शुभ समय

अभिजित मुहूर्त11:49 am – 12:33 pm
ब्रह्म मुहूर्त05:05 am – 05:53 am
सूर्योदय · सूर्यास्त06:41 am · 05:41 pm

जयपुर में आज के आठ भाग

राहु काल कोई निश्चित घड़ी का समय नहीं है — यह दिन के उजाले का एक हिस्सा है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, जिनमें एक भाग राहु का, एक यम का और एक गुलिक का होता है। आज जयपुर में दिन 06:41 am से 05:41 pm तक है, इसलिए हर भाग लगभग 83 मिनट का है।

भागसमय (IST)स्वामी
106:41 am – 08:04 amगुलिक काल
208:04 am – 09:26 am—
309:26 am – 10:49 amराहु काल
410:49 am – 12:11 pm—
512:11 pm – 01:34 pm—
601:34 pm – 02:56 pmयमगण्ड
702:56 pm – 04:19 pm—
804:19 pm – 05:41 pm—

भागों की सीमाएँ ऊपर दिए गए उसी सूर्योदय-सूर्यास्त से निकाली गई हैं, इसलिए दोनों समय आपस में मेल खाते हैं।

वार के अनुसार राहु काल

आठ भागों में से कौन-सा भाग राहु का होगा, यह वार से तय होता है, तिथि से नहीं। नियम बस इतना ही है — बाकी सब आपके स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त का गणित है, इसीलिए हर शहर का समय अलग होता है और वर्ष भर बदलता रहता है।

वारराहु कालयमगण्डगुलिक
रविवारआठवाँ भागपाँचवाँ भागसातवाँ भाग
सोमवारदूसरा भागचौथा भागछठा भाग
मंगलवारसातवाँ भागतीसरा भागपाँचवाँ भाग
बुधवारपाँचवाँ भागदूसरा भागचौथा भाग
गुरुवारछठा भागपहला भागतीसरा भाग
शुक्रवारचौथा भागसातवाँ भागदूसरा भाग
शनिवार (आज)तीसरा भागछठा भागपहला भाग

राहु काल, यमगण्ड और गुलिक में अंतर

तीनों अशुभ काल एक ही विधि से निकाले जाते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें एक ही मान लेते हैं। परंपरा में ये अलग हैं। राहु काल सबसे अधिक देखा जाता है और यह विशेष रूप से "आरंभ" का नियम है — यह शुरू करने से रोकता है, चलते हुए काम से नहीं। यमगण्ड को बाधा से जोड़ा जाता है और मुख्यतः यात्रा तथा समय पर पहुँचने वाले कार्यों में टाला जाता है। गुलिक, जो शनि-पुत्र का भाग है, पुनरावृत्ति का भाव रखता है — इसमें किया कार्य दोहराया जाता है, इसलिए ऋण, विवाद और अंत्येष्टि में इसे टाला जाता है, जबकि दोहराने योग्य शुभ आदतों के लिए इसे स्वीकार किया जाता है।

एक व्यावहारिक बात और: राहु काल शुभ आरंभ पर लागू होता है, साधारण जीवन पर नहीं। दैनिक कार्य, अध्ययन, पहले से चल रही यात्रा, औषधि, भोजन और आपात स्थिति किसी भी पारंपरिक मत में इससे बंधे नहीं हैं। यदि कोई कार्य वास्तव में टल नहीं सकता, तो उसे उसी दिन अभिजित मुहूर्त में आरंभ करने का विधान है — ऊपर दिया गया दोपहर का छोटा समय, जिसे परंपरा अधिकांश दोषों पर भारी मानती है।

उसी दिन के शुभ समय के लिए देखें आज का चौघड़िया, जो दिन और रात दोनों को आठ-आठ भागों में बाँटकर हर भाग का नाम बताता है।

ये समय जयपुर के लिए ही क्यों

जयपुर में आज सूर्योदय 06:41 am पर है। इस पृष्ठ का हर समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के अंतराल का एक अंश है, इसलिए यह तिथि के साथ-साथ स्थान से भी बदलता है। पूरे भारत में एक ही घड़ी चलती है, जो 82.5°E देशांतर पर आधारित है, पर जयपुर उससे लगभग 6.7° पश्चिम है — सौर दृष्टि से लगभग 27 मिनट पीछे। इसलिए सूर्य जयपुर के ऊपर वही स्थिति घड़ी के हिसाब से 27 मिनट बाद लेता है, और आठों भाग उसी के साथ खिसक जाते हैं। यही कारण है कि एक शहर की तालिका किसी दूसरे शहर के लिए सही नहीं होती, और यह पृष्ठ जयपुर के अपने अक्षांश-देशांतर से गणना करता है।

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