आज का राहु काल — पटना
आज शनिवार, 7 नवंबर 2026 को पटना में राहु काल 08:48 am – 10:11 am (IST) है — इस अवधि में नए शुभ कार्य आरंभ करना पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
आज की त्याज्य अवधियाँ
| राहु काल | 08:48 am – 10:11 am |
|---|---|
| यमगण्ड | 12:57 pm – 02:20 pm |
| गुलिक काल | 06:02 am – 07:25 am |
इसके बदले शुभ समय
| अभिजित मुहूर्त | 11:12 am – 11:56 am |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:26 am – 05:14 am |
| सूर्योदय · सूर्यास्त | 06:02 am · 05:06 pm |
पटना में आज के आठ भाग
राहु काल कोई निश्चित घड़ी का समय नहीं है — यह दिन के उजाले का एक हिस्सा है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, जिनमें एक भाग राहु का, एक यम का और एक गुलिक का होता है। आज पटना में दिन 06:02 am से 05:06 pm तक है, इसलिए हर भाग लगभग 83 मिनट का है।
| भाग | समय (IST) | स्वामी |
|---|---|---|
| 1 | 06:02 am – 07:25 am | गुलिक काल |
| 2 | 07:25 am – 08:48 am | — |
| 3 | 08:48 am – 10:11 am | राहु काल |
| 4 | 10:11 am – 11:34 am | — |
| 5 | 11:34 am – 12:57 pm | — |
| 6 | 12:57 pm – 02:20 pm | यमगण्ड |
| 7 | 02:20 pm – 03:43 pm | — |
| 8 | 03:43 pm – 05:06 pm | — |
भागों की सीमाएँ ऊपर दिए गए उसी सूर्योदय-सूर्यास्त से निकाली गई हैं, इसलिए दोनों समय आपस में मेल खाते हैं।
वार के अनुसार राहु काल
आठ भागों में से कौन-सा भाग राहु का होगा, यह वार से तय होता है, तिथि से नहीं। नियम बस इतना ही है — बाकी सब आपके स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त का गणित है, इसीलिए हर शहर का समय अलग होता है और वर्ष भर बदलता रहता है।
| वार | राहु काल | यमगण्ड | गुलिक |
|---|---|---|---|
| रविवार | आठवाँ भाग | पाँचवाँ भाग | सातवाँ भाग |
| सोमवार | दूसरा भाग | चौथा भाग | छठा भाग |
| मंगलवार | सातवाँ भाग | तीसरा भाग | पाँचवाँ भाग |
| बुधवार | पाँचवाँ भाग | दूसरा भाग | चौथा भाग |
| गुरुवार | छठा भाग | पहला भाग | तीसरा भाग |
| शुक्रवार | चौथा भाग | सातवाँ भाग | दूसरा भाग |
| शनिवार (आज) | तीसरा भाग | छठा भाग | पहला भाग |
राहु काल, यमगण्ड और गुलिक में अंतर
तीनों अशुभ काल एक ही विधि से निकाले जाते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें एक ही मान लेते हैं। परंपरा में ये अलग हैं। राहु काल सबसे अधिक देखा जाता है और यह विशेष रूप से "आरंभ" का नियम है — यह शुरू करने से रोकता है, चलते हुए काम से नहीं। यमगण्ड को बाधा से जोड़ा जाता है और मुख्यतः यात्रा तथा समय पर पहुँचने वाले कार्यों में टाला जाता है। गुलिक, जो शनि-पुत्र का भाग है, पुनरावृत्ति का भाव रखता है — इसमें किया कार्य दोहराया जाता है, इसलिए ऋण, विवाद और अंत्येष्टि में इसे टाला जाता है, जबकि दोहराने योग्य शुभ आदतों के लिए इसे स्वीकार किया जाता है।
एक व्यावहारिक बात और: राहु काल शुभ आरंभ पर लागू होता है, साधारण जीवन पर नहीं। दैनिक कार्य, अध्ययन, पहले से चल रही यात्रा, औषधि, भोजन और आपात स्थिति किसी भी पारंपरिक मत में इससे बंधे नहीं हैं। यदि कोई कार्य वास्तव में टल नहीं सकता, तो उसे उसी दिन अभिजित मुहूर्त में आरंभ करने का विधान है — ऊपर दिया गया दोपहर का छोटा समय, जिसे परंपरा अधिकांश दोषों पर भारी मानती है।
उसी दिन के शुभ समय के लिए देखें आज का चौघड़िया, जो दिन और रात दोनों को आठ-आठ भागों में बाँटकर हर भाग का नाम बताता है।
ये समय पटना के लिए ही क्यों
पटना में आज सूर्योदय 06:02 am पर है। इस पृष्ठ का हर समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के अंतराल का एक अंश है, इसलिए यह तिथि के साथ-साथ स्थान से भी बदलता है। पूरे भारत में एक ही घड़ी चलती है, जो 82.5°E देशांतर पर आधारित है, पर पटना उससे लगभग 2.6° पूर्व है — सौर दृष्टि से लगभग 11 मिनट आगे। इसलिए सूर्य पटना के ऊपर वही स्थिति घड़ी के हिसाब से 11 मिनट पहले लेता है, और आठों भाग उसी के साथ खिसक जाते हैं। यही कारण है कि एक शहर की तालिका किसी दूसरे शहर के लिए सही नहीं होती, और यह पृष्ठ पटना के अपने अक्षांश-देशांतर से गणना करता है।