आज कौन सा वार है — शनिवार
आज शनिवार, 7 नवंबर 2026 (IST) है। पंचांग में शनिवार सूर्योदय (सुबह 6:38, नई दिल्ली) से आरंभ होकर अगले सूर्योदय तक रहता है; सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी है, जो सुबह 10:48 तक रहेगी।
वार IST कैलेंडर से; सूर्योदय, तिथि और राहु काल नई दिल्ली के लिए हमारे पंचांग इंजन से।
इस सप्ताह के वार, तिथि और राहु काल
| वार | तारीख़ | सूर्योदय पर तिथि | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनिवारआज | 7 नवंबर | कृष्ण त्रयोदशी सुबह 10:48 तक | सुबह 9:22 – सुबह 10:44 |
| रविवार | 8 नवंबर | कृष्ण चतुर्दशी सुबह 11:28 तक | दोपहर 4:11 – शाम 5:33 |
| सोमवार | 9 नवंबर | अमावस्या दोपहर 12:32 तक | सुबह 8:01 – सुबह 9:23 |
| मंगलवार | 10 नवंबर | शुक्ल प्रतिपदा दोपहर 2:00 तक | दोपहर 2:49 – दोपहर 4:10 |
| बुधवार | 11 नवंबर | शुक्ल द्वितीया दोपहर 3:54 तक | दोपहर 12:06 – दोपहर 1:27 |
| गुरुवार | 12 नवंबर | शुक्ल तृतीया शाम 6:10 तक | दोपहर 1:27 – दोपहर 2:48 |
| शुक्रवार | 13 नवंबर | शुक्ल चतुर्थी रात 8:43 तक | सुबह 10:45 – दोपहर 12:06 |
कल कौन सा वार है?
कल रविवार, 8 नवंबर 2026 है — सूर्योदय पर तिथि कृष्ण चतुर्दशी।
सात वार
वार पंचांग के पाँच अंगों — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — में से एक है। हर वार का अपना स्वामी ग्रह और अपना स्वभाव है; मुहूर्त विचार के प्रमुख ग्रंथ मुहूर्त चिंतामणि में वारों को नक्षत्रों के साथ जोड़ते समय इसी स्वभाव का प्रयोग होता है। अकेला वार कभी मुहूर्त तय नहीं करता — उसे तिथि, नक्षत्र और लग्न के साथ पढ़ा जाता है — पर परंपरा में दिन का स्वरूप वही बताता है।
रविवार
स्वामी ग्रह: सूर्य · पूज्य देवता: सूर्य देव · स्वभाव: स्थिर (ध्रुव) — स्थिर
मुहूर्त चिंतामणि रविवार को स्थिर (ध्रुव) वारों में गिनता है, इसलिए परंपरा इसे स्थायी फल वाले कार्यों के लिए चुनती है — नींव रखना, वृक्षारोपण, कोई पद या दायित्व ग्रहण करना — और सूर्य का दिन होने से सरकारी व अधिकार से जुड़े कार्यों के लिए। बहुत से लोग दिन का आरंभ उगते सूर्य को जल का अर्घ्य देकर करते हैं।
रविवार को राहु काल दिन के आठ भागों में आठवाँ भाग होता है — सुबह 6 बजे सूर्योदय पर लगभग दोपहर 4:30 – शाम 6:00।
सोमवार
स्वामी ग्रह: चंद्र · पूज्य देवता: भगवान शिव · स्वभाव: चर (चल) — गतिशील
मुहूर्त चिंतामणि में सोमवार चर (चल) वार है, चंद्र का दिन, इसलिए इसे परंपरा से यात्रा, वाहन, बाग-बगीचे और हर चलायमान कार्य के लिए उत्तम माना जाता है। यह शिव पूजा का भी दिन है — बहुत से लोग सोमवार व्रत रखते हैं, और श्रावण के सोमवार विशेष रूप से मनाए जाते हैं।
सोमवार को राहु काल दिन के आठ भागों में दूसरा भाग होता है — सुबह 6 बजे सूर्योदय पर लगभग सुबह 7:30 – सुबह 9:00।
मंगलवार
स्वामी ग्रह: मंगल · पूज्य देवता: हनुमान जी · स्वभाव: उग्र — प्रबल
मंगलवार, मंगल का दिन, उग्र वार की श्रेणी में है। परंपरा इसे साहस और ऊर्जा वाले कार्यों को देती है — खेल व प्रतियोगिता, अग्नि, धातु व यंत्रों से जुड़े कार्य, और दृढ़ निर्णय वाले काम। मंगलवार को हनुमान पूजा और सुंदरकांड पाठ की परंपरा है।
मंगलवार को राहु काल दिन के आठ भागों में सातवाँ भाग होता है — सुबह 6 बजे सूर्योदय पर लगभग दोपहर 3:00 – दोपहर 4:30।
बुधवार
स्वामी ग्रह: बुध · पूज्य देवता: गणेश जी · स्वभाव: मिश्र (साधारण) — मिश्रित
मुहूर्त चिंतामणि में बुधवार मिश्र (साधारण) वार है, हर प्रकार के दैनिक कार्य के लिए उपयुक्त। बुध का दिन होने से यह अध्ययन, लेखन, व्यापार, हिसाब-किताब और संवाद के लिए परंपरागत पसंद है, और नए कार्य के आरंभ में गणेश जी की पूजा की जाती है।
बुधवार को राहु काल दिन के आठ भागों में पाँचवाँ भाग होता है — सुबह 6 बजे सूर्योदय पर लगभग दोपहर 12:00 – दोपहर 1:30।
गुरुवार
स्वामी ग्रह: गुरु (बृहस्पति) · पूज्य देवता: भगवान विष्णु व बृहस्पति · स्वभाव: क्षिप्र (लघु) — शीघ्र
गुरुवार क्षिप्र (लघु) वार है — बृहस्पति का दिन, जिसे मुहूर्त चिंतामणि हल्के व शीघ्र कार्यों को देता है: पढ़ना-पढ़ाना, व्यापार, औषधि आरंभ, छोटी यात्राएँ। बृहस्पति गुरु हैं, इसलिए यह धर्म-अध्ययन, गुरुजनों के सम्मान और भगवान विष्णु व बृहस्पति के गुरुवार व्रत का भी दिन है।
गुरुवार को राहु काल दिन के आठ भागों में छठा भाग होता है — सुबह 6 बजे सूर्योदय पर लगभग दोपहर 1:30 – दोपहर 3:00।
शुक्रवार
स्वामी ग्रह: शुक्र · पूज्य देवता: माँ लक्ष्मी · स्वभाव: मृदु (मैत्र) — कोमल
शुक्रवार, शुक्र का दिन, मृदु (मैत्र) वार है। परंपरा इसे सुखद व कलात्मक कार्यों के लिए उत्तम मानती है — संगीत, नृत्य व कलाएँ, नए वस्त्र व आभूषण, मित्रता और उत्सव। शुक्रवार की संध्या को लक्ष्मी पूजा की परंपरा है, और बहुत से लोग शुक्रवार व्रत रखते हैं।
शुक्रवार को राहु काल दिन के आठ भागों में चौथा भाग होता है — सुबह 6 बजे सूर्योदय पर लगभग सुबह 10:30 – दोपहर 12:00।
शनिवारआज
स्वामी ग्रह: शनि · पूज्य देवता: शनि देव · स्वभाव: तीक्ष्ण — प्रखर
शनिवार, शनि का दिन, मुहूर्त चिंतामणि में तीक्ष्ण वार है। परंपरा इसे धैर्य व अनुशासन वाले कार्यों को देती है — लंबे या भारी श्रम, लोहा व यंत्र, और जो अब आवश्यक नहीं उसे हटाना। शनिवार की संध्या को शनि देव के लिए तेल का दीपक और हनुमान पूजा की परंपरा है।
शनिवार को राहु काल दिन के आठ भागों में तीसरा भाग होता है — सुबह 6 बजे सूर्योदय पर लगभग सुबह 9:00 – सुबह 10:30।
वार अनुसार राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल
सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन आठ बराबर भागों में बँटता है, और हर वार राहु, यम और गुलिक को एक निश्चित भाग देता है। नीचे के समय सुबह 6 बजे सूर्योदय और शाम 6 बजे सूर्यास्त मानकर हैं; वास्तविक समय आपके शहर के सूर्योदय के साथ बदलते हैं, इसीलिए ऊपर आज का राहु काल नई दिल्ली के लिए गणना किया गया है।
| वार | राहु काल | यमगण्ड | गुलिक |
|---|---|---|---|
| रविवार | आठवाँ भाग दोपहर 4:30 – शाम 6:00 | पाँचवाँ भाग दोपहर 12:00 – दोपहर 1:30 | सातवाँ भाग दोपहर 3:00 – दोपहर 4:30 |
| सोमवार | दूसरा भाग सुबह 7:30 – सुबह 9:00 | चौथा भाग सुबह 10:30 – दोपहर 12:00 | छठा भाग दोपहर 1:30 – दोपहर 3:00 |
| मंगलवार | सातवाँ भाग दोपहर 3:00 – दोपहर 4:30 | तीसरा भाग सुबह 9:00 – सुबह 10:30 | पाँचवाँ भाग दोपहर 12:00 – दोपहर 1:30 |
| बुधवार | पाँचवाँ भाग दोपहर 12:00 – दोपहर 1:30 | दूसरा भाग सुबह 7:30 – सुबह 9:00 | चौथा भाग सुबह 10:30 – दोपहर 12:00 |
| गुरुवार | छठा भाग दोपहर 1:30 – दोपहर 3:00 | पहला भाग सुबह 6:00 – सुबह 7:30 | तीसरा भाग सुबह 9:00 – सुबह 10:30 |
| शुक्रवार | चौथा भाग सुबह 10:30 – दोपहर 12:00 | सातवाँ भाग दोपहर 3:00 – दोपहर 4:30 | दूसरा भाग सुबह 7:30 – सुबह 9:00 |
| शनिवार | तीसरा भाग सुबह 9:00 – सुबह 10:30 | छठा भाग दोपहर 1:30 – दोपहर 3:00 | पहला भाग सुबह 6:00 – सुबह 7:30 |
वार से जुड़े प्रश्न
आज कौन सा वार है?
आज शनिवार, 7 नवंबर 2026 (IST) है। पंचांग में शनिवार सूर्योदय (सुबह 6:38, नई दिल्ली) से आरंभ होकर अगले सूर्योदय तक रहता है; सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी है, जो सुबह 10:48 तक रहेगी।
कल कौन सा वार है?
कल रविवार, 8 नवंबर 2026 है — सूर्योदय पर तिथि कृष्ण चतुर्दशी।
पंचांग में वार कब बदलता है?
नागरिक तारीख़ मध्यरात्रि को बदलती है, पर पंचांग वार को एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिनता है। इसलिए मुहूर्त निकालते समय मध्यरात्रि और सूर्योदय के बीच के घंटे पिछले वार के ही माने जाते हैं — शनिवार की सुबह 4 बजे पंचांग में अभी शुक्रवार ही होता है।
किस वार का स्वामी कौन-सा ग्रह है?
रविवार — सूर्य; सोमवार — चंद्र; मंगलवार — मंगल; बुधवार — बुध; गुरुवार — गुरु (बृहस्पति); शुक्रवार — शुक्र; शनिवार — शनि। वार का नाम ही उसके स्वामी ग्रह से बना है।
सप्ताह रविवार, सोमवार, मंगलवार… के क्रम में क्यों चलता है?
यह क्रम होरा से आता है। एक दिन में 24 होरा होती हैं, जिनके स्वामी बारी-बारी से शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध और चंद्र हैं — सबसे धीमे से सबसे तेज़। सूर्योदय की पहली होरा का ग्रह उस दिन को नाम देता है; 24 होरा बाद पहली होरा तीन स्थान आगे वाले ग्रह की होती है, जिससे क्रम बनता है — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि।
आज राहु काल कब है?
नई दिल्ली में आज राहु काल सुबह 9:22 – सुबह 10:44 (IST) है। शनिवार को यह दिन के आठ बराबर भागों में तीसरा भाग होता है, इसलिए सूर्योदय-सूर्यास्त के साथ बदलता है; परंपरा इसमें नया कार्य आरंभ नहीं करती।