किसी भी शहर के लिए आज का अभिजित मुहूर्त जानें — मध्याह्न का वह काल जिसे परंपरागत रूप से महत्वपूर्ण कार्यों के आरंभ के लिए सबसे अनुकूल समयों में से एक माना जाता है। इसकी गणना 15 बराबर दिन-मुहूर्तों में से 8वें के रूप में की जाती है, जो सौर मध्याह्न के आसपास होता है।
अभिजित मुहूर्त की गणना कैसे होती है
दिन के प्रकाश (सूर्योदय से सूर्यास्त) को मुहूर्त नामक 15 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है। 8वाँ मुहूर्त — अभिजित — सौर मध्याह्न के आसपास होता है, जो उससे ठीक पहले आरंभ होकर ठीक बाद समाप्त होता है। यह टूल आपके शहर के लिए सटीक स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त की गणना करता है, प्राप्त अवधि को 15 बराबर भागों में बाँटता है, और 8वें को अभिजित मुहूर्त के रूप में लौटाता है। ब्रह्म मुहूर्त — सूर्योदय से दो मुहूर्त पूर्व, लगभग 96 से 48 मिनट पहले — को प्रातःकालीन कार्यों के लिए एक पूरक शुभ काल के रूप में साथ में दिखाया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अभिजित मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन के प्रकाश को विभाजित करने वाले 15 बराबर दिन-मुहूर्तों (प्रत्येक लगभग 48 मिनट) में से 8वाँ है। यह सौर मध्याह्न के आसपास होने के कारण मध्याह्न का काल है। शास्त्रीय वैदिक ग्रंथों में — महाभारत सहित — इसे अत्यंत शुभ और लगभग किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के आरंभ के लिए उपयुक्त बताया गया है।
अभिजित मुहूर्त कितनी देर रहता है?
यह दिन के प्रकाश का पंद्रहवाँ भाग है, जो औसत दिन पर लगभग 48 मिनट होता है। दिन की लंबाई बदलने के साथ वास्तविक अवधि वर्ष भर थोड़ी बदलती रहती है।
क्या अभिजित मुहूर्त हर दिन उपलब्ध होता है?
अभिजित मुहूर्त हर उस दिन होता है जिसमें निश्चित सूर्योदय और सूर्यास्त हो। हालाँकि, कुछ शास्त्रीय स्रोत बताते हैं कि बुधवार को इसे कम प्रभावी माना जाता है क्योंकि बुधवार का स्वामी (बुध) सूर्य के मध्याह्न प्रभाव से टकराता है। यह टूल इसे प्रतिदिन दिखाता है और व्याख्या आप पर छोड़ता है।
वैदिक समय-निर्धारण में सौर मध्याह्न इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
वैदिक ब्रह्मांडशास्त्र में सूर्य जीवनशक्ति, अधिकार और शुभता का सबसे प्रबल कारक है। सौर मध्याह्न पर सूर्य आकाश में अपने उच्चतम बिंदु पर पहुँचता है, जिससे उसके आसपास का काल — अभिजित मुहूर्त — स्वाभाविक रूप से सौर ऊर्जा से युक्त हो जाता है। अभिजित नक्षत्र (उत्तराषाढ़ा और श्रवण के बीच का आंशिक नक्षत्र) अजेयता और विजय से संबंधित है।
इसी पृष्ठ पर दिखाया गया ब्रह्म मुहूर्त क्या है?
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से लगभग 96 से 48 मिनट पूर्व की अवधि है। जहाँ अभिजित मुहूर्त सर्वोत्तम मध्याह्न काल है, वहीं ब्रह्म मुहूर्त पसंदीदा प्रातःकालीन काल है — विशेषकर ध्यान, योग और भक्ति-साधना के लिए।