Astrologger
ENहिंदी
AI से पूछें
व्रत कैलेंडर

मासिक शिवरात्रि कब है?

अगली मासिक शिवरात्रि: शनिवार, 7 नवंबर 2026 — तिथि 7 नवंबर सुबह 10:48 से 8 नवंबर सुबह 11:28 (नई दिल्ली)।

मासिक शिवरात्रि शिव की मासिक रात्रि है, जो कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को पड़ती है, जिसकी पूजा मध्यरात्रि के निशीथ काल में की जाती है। फाल्गुन की मासिक शिवरात्रि ही महाशिवरात्रि है। नीचे तिथियाँ दिल्ली के लिए गणना की गई हैं।

मासिक शिवरात्रि की अगली तिथि
मासिक शिवरात्रि
आज · शनिवार, 7 नवंबर 2026 · निशीथ काल 7 नवंबर, रात 11:40 – 8 नवंबर, रात 12:32

आगामी 3 मासिक शिवरात्रि तिथियाँ

तिथिनामतिथि समयनिशीथ पूजा
शनिवार, 7 नवंबर 2026मासिक शिवरात्रि7 नवंबर सुबह 10:48 से 8 नवंबर सुबह 11:287 नवंबर, रात 11:40 – 8 नवंबर, रात 12:32
सोमवार, 7 दिसंबर 2026मासिक शिवरात्रि7 दिसंबर रात 2:22 से 8 दिसंबर सुबह 4:137 दिसंबर, रात 11:47 – 8 दिसंबर, रात 12:41
मंगलवार, 5 जनवरी 2027मासिक शिवरात्रि5 जनवरी रात 8:40 से 6 जनवरी रात 11:146 जनवरी, रात 12:00 – 6 जनवरी, रात 12:54

सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए।

माह व वर्ष कैलेंडर
अन्य व्रत
एकादशी कब हैप्रदोष व्रत कब हैअमावस्या कब हैपूर्णिमा कब हैसंकष्टी चतुर्थी कब हैविनायक चतुर्थी कब हैस्कन्द षष्ठी कब हैमासिक दुर्गाष्टमी कब हैकालाष्टमी कब हैमासिक कार्तिगाई कब हैभानु सप्तमी कब है

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अगली मासिक शिवरात्रि कब है?+

अगली मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि है — शनिवार, 7 नवंबर 2026, तिथि 7 नवंबर सुबह 10:48 से 8 नवंबर सुबह 11:28 (नई दिल्ली)। उसके बाद: सोमवार, 7 दिसंबर 2026; मंगलवार, 5 जनवरी 2027।

2026 में कितनी मासिक शिवरात्रि हैं?+

2026 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 12 मासिक शिवरात्रि हैं — प्रत्येक चंद्र मास में एक, जिनमें फाल्गुन की महाशिवरात्रि है।

पूजा कब की जाती है?+

शिव की पूजा कृष्ण चतुर्दशी को निशीथ काल — लगभग मध्यरात्रि — में की जाती है। व्रत दिन-रात रखा जाता है।

यह महाशिवरात्रि से कैसे अलग है?+

महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की मासिक शिवरात्रि है और वर्ष की सबसे भव्य है; बाकी मासिक अनुष्ठान हैं।

मासिक शिवरात्रि कैसे मनाई जाती है?+

भक्त दिनभर व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं, और मध्यरात्रि के निशीथ काल में शिव पूजा करते हैं — लिंग पर जल, दूध, बेलपत्र व दीप अर्पित कर "ॐ नमः शिवाय" का जप करते हैं। विधि भक्ति अनुसार भिन्न होती है।

एआई ज्योतिषी से पूछें