स्कन्द षष्ठी कब है?
अगली स्कन्द षष्ठी: रविवार, 15 नवंबर 2026 — तिथि 14 नवंबर रात 11:24 से 16 नवंबर रात 2:01 (नई दिल्ली)।
स्कन्द षष्ठी प्रत्येक चंद्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी (छठी तिथि) है, जो शिव-पुत्र स्कन्द — कार्तिकेय या मुरुगन — को समर्पित है। कार्तिक मास की षष्ठी, जो तमिल परंपरा में सूरसंहारम् के रूप में भव्यता से मनाई जाती है, प्रमुख है। नीचे तिथियाँ दिल्ली के लिए हैं।
आगामी 3 स्कन्द षष्ठी तिथियाँ
| तिथि | नाम | तिथि समय |
|---|---|---|
| रविवार, 15 नवंबर 2026 | स्कन्द षष्ठी | 14 नवंबर रात 11:24 से 16 नवंबर रात 2:01 |
| मंगलवार, 15 दिसंबर 2026 | स्कन्द षष्ठी | 14 दिसंबर शाम 7:16 से 15 दिसंबर रात 9:20 |
| बुधवार, 13 जनवरी 2027 | स्कन्द षष्ठी | 13 जनवरी दोपहर 1:02 से 14 जनवरी दोपहर 1:59 |
सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अगली स्कन्द षष्ठी कब है?+
अगली स्कन्द षष्ठी स्कन्द षष्ठी है — रविवार, 15 नवंबर 2026, तिथि 14 नवंबर रात 11:24 से 16 नवंबर रात 2:01 (नई दिल्ली)। उसके बाद: मंगलवार, 15 दिसंबर 2026; बुधवार, 13 जनवरी 2027।
2026 में कितनी स्कन्द षष्ठी हैं?+
2026 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 12 स्कन्द षष्ठी हैं — प्रत्येक चंद्र मास की शुक्ल षष्ठी को एक।
स्कन्द कौन हैं?+
स्कन्द — कार्तिकेय, मुरुगन या सुब्रह्मण्य — शिव-पार्वती के पुत्र और देव-सेनापति हैं, तमिल परंपरा में विशेष पूजित।
मुख्य स्कन्द षष्ठी कौन-सी है?+
कार्तिक मास (तमिल ऐप्पसि) की दीपावली के बाद की षष्ठी महान स्कन्द षष्ठी है, जो सूरसंहारम् — सुरपद्मन पर विजय — से पूर्ण होती है।
व्रत कैसे रखा जाता है?+
भक्त दिनभर उपवास रखते हैं, मुरुगन मंदिर जाते हैं और स्कन्द षष्ठी कवचम् का पाठ करते हैं। विधि क्षेत्र व भक्ति अनुसार भिन्न होती है।