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व्रत कैलेंडर

कालाष्टमी कब है?

अगली कालाष्टमी: मंगलवार, 1 दिसंबर 2026 (कालभैरव जयंती) — तिथि 1 दिसंबर रात 12:12 से 1 दिसंबर रात 11:14 (नई दिल्ली)।

कालाष्टमी प्रत्येक चंद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी है, जो काल भैरव — समय के अधिपति, शिव के उग्र रूप — को समर्पित है। मार्गशीर्ष की कालाष्टमी कालभैरव जयंती है। नीचे तिथियाँ दिल्ली के लिए हैं।

कालाष्टमी की अगली तिथि
कालभैरव जयंती
24 दिन में · मंगलवार, 1 दिसंबर 2026

आगामी 3 कालाष्टमी तिथियाँ

तिथिनामतिथि समय
मंगलवार, 1 दिसंबर 2026कालभैरव जयंती1 दिसंबर रात 12:12 से 1 दिसंबर रात 11:14
बुधवार, 30 दिसंबर 2026कालाष्टमी30 दिसंबर दोपहर 12:37 से 31 दिसंबर दोपहर 12:33
शुक्रवार, 29 जनवरी 2027कालाष्टमी29 जनवरी सुबह 4:03 से 30 जनवरी सुबह 4:58

सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए।

माह व वर्ष कैलेंडर
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अगली कालाष्टमी कब है?+

अगली कालाष्टमी कालभैरव जयंती है — मंगलवार, 1 दिसंबर 2026, तिथि 1 दिसंबर रात 12:12 से 1 दिसंबर रात 11:14 (नई दिल्ली)। उसके बाद: बुधवार, 30 दिसंबर 2026; शुक्रवार, 29 जनवरी 2027।

2026 में कितनी कालाष्टमी हैं?+

2026 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 13 कालाष्टमी हैं — प्रत्येक चंद्र मास की कृष्ण अष्टमी को एक, जिनमें मार्गशीर्ष की कालभैरव जयंती है।

काल भैरव कौन हैं?+

काल भैरव शिव का उग्र स्वरूप हैं — काल के स्वामी और तीर्थों के क्षेत्रपाल — विशेषतः काशी के, जहाँ वे नगर के कोतवाल माने जाते हैं।

कालभैरव जयंती कब है?+

मार्गशीर्ष (नवंबर–दिसंबर) की कालाष्टमी कालभैरव जयंती — भैरव के प्राकट्य का दिन — मानी जाती है।

व्रत कैसे रखा जाता है?+

भक्त उपवास रखते हैं, रात्रि में सरसों-तेल के दीप से भैरव पूजा करते हैं, कालभैरवाष्टकम् का पाठ करते हैं और उनके वाहन श्वान को भोजन कराते हैं।

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