फ़रवरी 2026 में विनायक चतुर्थी
फ़रवरी 2026 में विनायक चतुर्थी कब है? शनिवार, 21 फ़रवरी — तिथि 20 फ़रवरी दोपहर 2:39 से 21 फ़रवरी दोपहर 1:01 (नई दिल्ली)।
| तिथि | तिथि आरंभ | तिथि समाप्त | नाम | दिन | पक्ष / मास (पूर्णिमांत) |
|---|---|---|---|---|---|
| 21 फ़र॰ 2026 | 20 फ़रवरी, दोपहर 2:39 | 21 फ़रवरी, दोपहर 1:01 | विनायक चतुर्थी | शनि | शुक्ल · फाल्गुन |
सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।
फ़रवरी 2026 में विनायक चतुर्थी का पूरा समय
हर तिथि कब आरंभ होती है, कब समाप्त होती है और कितनी देर चलती है — सब दिल्ली (IST) के लिए गणना किया गया।
| तिथि | आरंभ | समाप्त | अवधि | वार | पक्ष | चंद्र मास (पूर्णिमांत) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 21 फ़र॰ | 20 फ़रवरी, दोपहर 2:39 | 21 फ़रवरी, दोपहर 1:01 | 22 घंटे 22 मिनट | शनिवार | शुक्ल | फाल्गुन |
इस महीने की हर विनायक चतुर्थी
विनायक चतुर्थी — 21 फ़र॰, शनिवार को, शुक्ल पक्ष, फाल्गुन मास। तिथि 22 घंटे 22 मिनट चलती है (20 फ़रवरी दोपहर 2:39 से)।
फ़रवरी की तुलना बाकी साल से
2026 में विनायक चतुर्थी की तिथि औसतन 23 घंटे 18 मिनट चलती है। फ़रवरी में यह औसतन 22 घंटे 22 मिनट है — यानी इस साल के हिसाब से कुछ छोटी।
साल भर में यह अवधि 20 घंटे 47 मिनट (अप्रैल) से 26 घंटे 41 मिनट (दिसंबर) के बीच रहती है। यह अंतर इसलिए होता है क्योंकि चंद्रमा की गति एक समान नहीं होती — तिथि की लंबाई हर बार बदलती है, इसीलिए व्रत की तारीख़ हर महीने आगे-पीछे खिसकती है।
2026 में कुल 12 विनायक चतुर्थी हैं, जिनमें से 1 इस महीने पड़ती है।
फ़रवरी 2026 के अन्य व्रत
एक ही महीने में पड़ने वाले बाकी व्रत — तारीख़ के क्रम में।
| व्रत | तिथियाँ | कैलेंडर |
|---|---|---|
| पूर्णिमा | 1 फ़र॰ — माघ पूर्णिमा | देखें |
| संकष्टी चतुर्थी | 5 फ़र॰ — द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी | देखें |
| भानु सप्तमी | 8 फ़र॰ — भानु सप्तमी | देखें |
| कालाष्टमी | 9 फ़र॰ — कालाष्टमी | देखें |
| एकादशी | 13 फ़र॰ — विजया एकादशी · 27 फ़र॰ — आमलकी एकादशी | देखें |
| प्रदोष व्रत | 14 फ़र॰ — शनि प्रदोष | देखें |
| मासिक शिवरात्रि | 15 फ़र॰ — महाशिवरात्रि | देखें |
| अमावस्या | 17 फ़र॰ — भौमवती अमावस्या | देखें |
| स्कन्द षष्ठी | 22 फ़र॰ — स्कन्द षष्ठी | देखें |
| मासिक कार्तिगाई | 23 फ़र॰ — मासिक कार्तिगाई | देखें |
| मासिक दुर्गाष्टमी | 24 फ़र॰ — मासिक दुर्गाष्टमी | देखें |
विनायक चतुर्थी क्या है?
विनायक चतुर्थी शुक्ल पक्ष की चौथी तिथि को गणेश जी की मासिक पूजा है। विघ्नहर्ता गणेश की पूजा मध्याह्न में — उनके जन्म से जुड़े मुहूर्त में — दूर्वा, मोदक और नाम-जप से की जाती है। भक्त बुद्धि, सफलता और नए कार्यों से विघ्न हटाने हेतु यह व्रत रखते हैं।
विनायक बनाम संकष्टी
प्रत्येक चंद्र मास में दो चतुर्थियाँ होती हैं: शुक्ल (विनायक) और कृष्ण (संकष्टी)। दोनों की लय — शुक्ल पक्ष में मध्याह्न पूजा, कृष्ण पक्ष में चंद्रोदय पूजा — मास के दोनों छोरों पर गणेश को स्थापित करती है। इस साइट पर दोनों की सूचियाँ गणना की गई हैं।
मध्याह्न पूजा
विनायक पूजा मध्याह्न काल में होती है, जो गणेश जन्म का पहर माना जाता है। पूजा के बाद प्रायः व्रत खोल दिया जाता है — संकष्टी की चंद्र-प्रतीक्षा से सरल विधि।
व्रत विधि
उपवास प्रातः से चलता है और मध्याह्न पूजा के बाद खोला जाता है। भक्त स्नान कर संकल्प लेते हैं और गणेश जी की पूजा दूर्वा से करते हैं — इक्कीस दल की परंपरा है — साथ में लाल पुष्प, मोदक और लड्डू अर्पित किए जाते हैं। जहाँ ज्ञात हो वहाँ संकटनाशन गणेश स्तोत्र या गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है। संकष्टी के विपरीत, जो चंद्रोदय के बाद खोली जाती है, विनायक चतुर्थी दिन के उजाले में ही पूर्ण होती है।
विनायक चतुर्थी सामग्री
मध्याह्न पूजा से पूर्व ये एकत्र करें:
- गणेश जी की मूर्ति या चित्र
- दूर्वा
- लाल पुष्प, विशेषकर गुड़हल
- नैवेद्य हेतु मोदक या लड्डू
- सिंदूर और चंदन
- घी का दीपक और धूप
- नारियल और पान के पत्ते
- अक्षत
- पंचामृत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फ़रवरी 2026 में विनायक चतुर्थी कब है?+
फ़रवरी 2026 में विनायक चतुर्थी है: विनायक चतुर्थी — शनिवार, 21 फ़रवरी 2026। समय नई दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं।
फ़रवरी 2026 में विनायक चतुर्थी तिथि कब से कब तक है?+
21 फ़रवरी: तिथि 20 फ़रवरी दोपहर 2:39 से 21 फ़रवरी दोपहर 1:01। (नई दिल्ली, IST)
2026 में कितनी विनायक चतुर्थी हैं?+
2026 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 12 विनायक चतुर्थी हैं — प्रत्येक चंद्र मास की शुक्ल चतुर्थी को एक।
विनायक चतुर्थी संकष्टी से कैसे अलग है?+
दोनों गणेश जी की हैं, पर विनायक शुक्ल (बढ़ते) पक्ष की चतुर्थी है जिसकी पूजा मध्याह्न में होती है, जबकि संकष्टी कृष्ण पक्ष की है और व्रत चंद्रोदय के बाद ही खुलता है।
सबसे बड़ी विनायक चतुर्थी कौन-सी है?+
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी ही वार्षिक गणेश चतुर्थी है — दस दिवसीय उत्सव जो विसर्जन से पूर्ण होता है।
व्रत कैसे रखा जाता है?+
भक्त मध्याह्न गणेश पूजा तक उपवास रखते हैं, दूर्वा व मोदक अर्पित करते हैं और गणेश मंत्रों का जाप करते हैं। विधि परंपरा अनुसार भिन्न होती है।
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