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नवंबर 2026 में विनायक चतुर्थी

नवंबर 2026 में विनायक चतुर्थी कब है? शुक्रवार, 13 नवंबर — तिथि 12 नवंबर शाम 6:10 से 13 नवंबर रात 8:43 (नई दिल्ली)।

विनायक चतुर्थी की अगली तिथि
विनायक चतुर्थी
6 दिन में · शुक्रवार, 13 नवंबर 2026 →
तिथितिथि आरंभतिथि समाप्तनामदिनपक्ष / मास (पूर्णिमांत)
13 नव॰ 2026अगली12 नवंबर, शाम 6:1013 नवंबर, रात 8:43विनायक चतुर्थीशुक्रशुक्ल · कार्तिक

सभी तिथियाँ व समय नई दिल्ली (IST) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस + लाहिरी अयनांश से गणना किए गए — नकल नहीं।

विनायक चतुर्थी कब है — आगामी तिथियाँविनायक चतुर्थी दिसंबर 2026 →पूरे 2026 की विनायक चतुर्थी देखें

नवंबर 2026 में विनायक चतुर्थी का पूरा समय

हर तिथि कब आरंभ होती है, कब समाप्त होती है और कितनी देर चलती है — सब दिल्ली (IST) के लिए गणना किया गया।

तिथिआरंभसमाप्तअवधिवारपक्षचंद्र मास (पूर्णिमांत)
13 नव॰12 नवंबर, शाम 6:1013 नवंबर, रात 8:4326 घंटे 33 मिनटशुक्रवारशुक्लकार्तिक

इस महीने की हर विनायक चतुर्थी

विनायक चतुर्थी — 13 नव॰, शुक्रवार को, शुक्ल पक्ष, कार्तिक मास। तिथि 26 घंटे 33 मिनट चलती है (12 नवंबर शाम 6:10 से)।

नवंबर की तुलना बाकी साल से

2026 में विनायक चतुर्थी की तिथि औसतन 23 घंटे 18 मिनट चलती है। नवंबर में यह औसतन 26 घंटे 33 मिनट है — यानी इस साल के हिसाब से कुछ लंबी।

साल भर में यह अवधि 20 घंटे 47 मिनट (अप्रैल) से 26 घंटे 41 मिनट (दिसंबर) के बीच रहती है। यह अंतर इसलिए होता है क्योंकि चंद्रमा की गति एक समान नहीं होती — तिथि की लंबाई हर बार बदलती है, इसीलिए व्रत की तारीख़ हर महीने आगे-पीछे खिसकती है।

2026 में कुल 12 विनायक चतुर्थी हैं, जिनमें से 1 इस महीने पड़ती है।

नवंबर 2026 के अन्य व्रत

एक ही महीने में पड़ने वाले बाकी व्रत — तारीख़ के क्रम में।

व्रततिथियाँकैलेंडर
कालाष्टमी1 नव॰ — कालाष्टमीदेखें
भानु सप्तमी1 नव॰ — भानु सप्तमीदेखें
एकादशी5 नव॰ — रमा एकादशी · 20 नव॰ — प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशीदेखें
प्रदोष व्रत6 नव॰ — शुक्र प्रदोष · 22 नव॰ — रवि प्रदोषदेखें
मासिक शिवरात्रि7 नव॰ — मासिक शिवरात्रिदेखें
अमावस्या9 नव॰ — सोमवती अमावस्यादेखें
स्कन्द षष्ठी15 नव॰ — स्कन्द षष्ठीदेखें
मासिक दुर्गाष्टमी17 नव॰ — मासिक दुर्गाष्टमीदेखें
पूर्णिमा24 नव॰ — कार्तिक पूर्णिमादेखें
मासिक कार्तिगाई24 नव॰ — मासिक कार्तिगाईदेखें
संकष्टी चतुर्थी27 नव॰ — गणाधिप संकष्टी चतुर्थीदेखें

विनायक चतुर्थी क्या है?

विनायक चतुर्थी शुक्ल पक्ष की चौथी तिथि को गणेश जी की मासिक पूजा है। विघ्नहर्ता गणेश की पूजा मध्याह्न में — उनके जन्म से जुड़े मुहूर्त में — दूर्वा, मोदक और नाम-जप से की जाती है। भक्त बुद्धि, सफलता और नए कार्यों से विघ्न हटाने हेतु यह व्रत रखते हैं।

विनायक बनाम संकष्टी

प्रत्येक चंद्र मास में दो चतुर्थियाँ होती हैं: शुक्ल (विनायक) और कृष्ण (संकष्टी)। दोनों की लय — शुक्ल पक्ष में मध्याह्न पूजा, कृष्ण पक्ष में चंद्रोदय पूजा — मास के दोनों छोरों पर गणेश को स्थापित करती है। इस साइट पर दोनों की सूचियाँ गणना की गई हैं।

मध्याह्न पूजा

विनायक पूजा मध्याह्न काल में होती है, जो गणेश जन्म का पहर माना जाता है। पूजा के बाद प्रायः व्रत खोल दिया जाता है — संकष्टी की चंद्र-प्रतीक्षा से सरल विधि।

व्रत विधि

उपवास प्रातः से चलता है और मध्याह्न पूजा के बाद खोला जाता है। भक्त स्नान कर संकल्प लेते हैं और गणेश जी की पूजा दूर्वा से करते हैं — इक्कीस दल की परंपरा है — साथ में लाल पुष्प, मोदक और लड्डू अर्पित किए जाते हैं। जहाँ ज्ञात हो वहाँ संकटनाशन गणेश स्तोत्र या गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है। संकष्टी के विपरीत, जो चंद्रोदय के बाद खोली जाती है, विनायक चतुर्थी दिन के उजाले में ही पूर्ण होती है।

विनायक चतुर्थी सामग्री

मध्याह्न पूजा से पूर्व ये एकत्र करें:

  • गणेश जी की मूर्ति या चित्र
  • दूर्वा
  • लाल पुष्प, विशेषकर गुड़हल
  • नैवेद्य हेतु मोदक या लड्डू
  • सिंदूर और चंदन
  • घी का दीपक और धूप
  • नारियल और पान के पत्ते
  • अक्षत
  • पंचामृत
अन्य व्रत कैलेंडर
एकादशी 2026प्रदोष व्रत 2026अमावस्या 2026पूर्णिमा 2026संकष्टी चतुर्थी 2026मासिक शिवरात्रि 2026स्कन्द षष्ठी 2026मासिक दुर्गाष्टमी 2026कालाष्टमी 2026मासिक कार्तिगाई 2026भानु सप्तमी 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवंबर 2026 में विनायक चतुर्थी कब है?+

नवंबर 2026 में विनायक चतुर्थी है: विनायक चतुर्थी — शुक्रवार, 13 नवंबर 2026। समय नई दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं।

नवंबर 2026 में विनायक चतुर्थी तिथि कब से कब तक है?+

13 नवंबर: तिथि 12 नवंबर शाम 6:10 से 13 नवंबर रात 8:43। (नई दिल्ली, IST)

2026 में कितनी विनायक चतुर्थी हैं?+

2026 में दिल्ली क्षेत्र के लिए 12 विनायक चतुर्थी हैं — प्रत्येक चंद्र मास की शुक्ल चतुर्थी को एक।

विनायक चतुर्थी संकष्टी से कैसे अलग है?+

दोनों गणेश जी की हैं, पर विनायक शुक्ल (बढ़ते) पक्ष की चतुर्थी है जिसकी पूजा मध्याह्न में होती है, जबकि संकष्टी कृष्ण पक्ष की है और व्रत चंद्रोदय के बाद ही खुलता है।

सबसे बड़ी विनायक चतुर्थी कौन-सी है?+

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी ही वार्षिक गणेश चतुर्थी है — दस दिवसीय उत्सव जो विसर्जन से पूर्ण होता है।

व्रत कैसे रखा जाता है?+

भक्त मध्याह्न गणेश पूजा तक उपवास रखते हैं, दूर्वा व मोदक अर्पित करते हैं और गणेश मंत्रों का जाप करते हैं। विधि परंपरा अनुसार भिन्न होती है।

विनायक चतुर्थी आपकी कुंडली के लिए क्या कहती है?

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