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तिथि कैलेंडर

अष्टमी कब है? सभी अष्टमी तिथियाँ व समय

अगला अष्टमी व्रत मासिक दुर्गाष्टमी है, मंगलवार, 17 नवंबर 2026 को (शुक्ल पक्ष); अष्टमी तिथि 17 नवंबर सुबह 4:20 से 18 नवंबर सुबह 6:05 तक रहती है (नई दिल्ली)।

अगला शुक्ल अष्टमी व्रत
मंगलवार, 17 नवंबर 2026
मासिक दुर्गाष्टमी →
तिथि प्रारंभ
17 नवंबर सुबह 4:20
तिथि समाप्त
18 नवंबर सुबह 6:05
अगला कृष्ण अष्टमी व्रत
मंगलवार, 1 दिसंबर 2026
कालभैरव जयंती →
तिथि प्रारंभ
1 दिसंबर रात 12:12
तिथि समाप्त
1 दिसंबर रात 11:14

व्रत दिन और तिथि समय नई दिल्ली (IST) के लिए, हमारे पंचांग इंजन (लाहिड़ी अयनांश) से, दृक् पंचांग से मिलान सहित।

मासिक दुर्गाष्टमी — मासिक दुर्गाष्टमी प्रत्येक चंद्र मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी (आठवीं तिथि) है, जो माँ दुर्गा को समर्पित है।

कालाष्टमी — कालाष्टमी प्रत्येक चंद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी है, जो काल भैरव — समय के अधिपति, शिव के उग्र रूप — को समर्पित है।

2026 में अष्टमी की तिथियाँ

2026 की अष्टमी — नई दिल्ली (IST)
तारीख़पक्षतिथि समयव्रत
शनिवार, 10 जनवरी 2026कृष्ण10 जनवरी सुबह 8:24 से 11 जनवरी सुबह 10:20कालाष्टमी
सोमवार, 26 जनवरी 2026शुक्ल25 जनवरी रात 11:10 से 26 जनवरी रात 9:18मासिक दुर्गाष्टमी
सोमवार, 9 फ़रवरी 2026कृष्ण9 फ़रवरी सुबह 5:01 से 10 फ़रवरी सुबह 7:28कालाष्टमी
मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026शुक्ल24 फ़रवरी सुबह 7:02 से 25 फ़रवरी सुबह 4:52मासिक दुर्गाष्टमी
बुधवार, 11 मार्च 2026कृष्ण11 मार्च रात 1:55 से 12 मार्च सुबह 4:20कालाष्टमी
गुरुवार, 26 मार्च 2026शुक्ल25 मार्च दोपहर 1:50 से 26 मार्च सुबह 11:49मासिक दुर्गाष्टमी
शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026कृष्ण9 अप्रैल रात 9:20 से 10 अप्रैल रात 11:16कालाष्टमी
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026शुक्ल23 अप्रैल रात 8:49 से 24 अप्रैल शाम 7:22मासिक दुर्गाष्टमी
शनिवार, 9 मई 2026कृष्ण9 मई दोपहर 2:03 से 10 मई दोपहर 3:07कालाष्टमी
शनिवार, 23 मई 2026शुक्ल23 मई सुबह 5:05 से 24 मई सुबह 4:27अधिक ज्येष्ठ दुर्गाष्टमी
सोमवार, 8 जून 2026कृष्ण8 जून रात 3:25 से 9 जून रात 3:24अधिक ज्येष्ठ कालाष्टमी
सोमवार, 22 जून 2026शुक्ल21 जून दोपहर 3:21 से 22 जून दोपहर 3:40मासिक दुर्गाष्टमी
मंगलवार, 7 जुलाई 2026कृष्ण7 जुलाई दोपहर 1:25 से 8 जुलाई दोपहर 12:22कालाष्टमी
मंगलवार, 21 जुलाई 2026शुक्ल21 जुलाई सुबह 4:03 से 22 जुलाई सुबह 5:17मासिक दुर्गाष्टमी
बुधवार, 5 अगस्त 2026कृष्ण5 अगस्त रात 8:43 से 6 अगस्त शाम 6:53कालाष्टमी
गुरुवार, 20 अगस्त 2026शुक्ल19 अगस्त शाम 7:20 से 20 अगस्त रात 9:19मासिक दुर्गाष्टमी
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026कृष्ण4 सितंबर रात 2:26 से 5 सितंबर रात 12:14कालाष्टमी
शनिवार, 19 सितंबर 2026शुक्ल18 सितंबर दोपहर 1:01 से 19 सितंबर दोपहर 3:27मासिक दुर्गाष्टमी
शनिवार, 3 अक्टूबर 2026कृष्ण3 अक्टूबर सुबह 8:00 से 4 अक्टूबर सुबह 5:52कालाष्टमी
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026शुक्ल18 अक्टूबर सुबह 8:28 से 19 अक्टूबर सुबह 10:52मासिक दुर्गाष्टमी
रविवार, 1 नवंबर 2026कृष्ण1 नवंबर दोपहर 2:52 से 2 नवंबर दोपहर 1:11कालाष्टमी
मंगलवार, 17 नवंबर 2026अगलीशुक्ल17 नवंबर सुबह 4:20 से 18 नवंबर सुबह 6:05मासिक दुर्गाष्टमी
मंगलवार, 1 दिसंबर 2026कृष्ण1 दिसंबर रात 12:12 से 1 दिसंबर रात 11:14कालभैरव जयंती
गुरुवार, 17 दिसंबर 2026शुक्ल16 दिसंबर रात 10:46 से 17 दिसंबर रात 11:26मासिक दुर्गाष्टमी
बुधवार, 30 दिसंबर 2026कृष्ण30 दिसंबर दोपहर 12:37 से 31 दिसंबर दोपहर 12:33कालाष्टमी

2027 में अष्टमी की तिथियाँ

2027 की अष्टमी — नई दिल्ली (IST)
तारीख़पक्षतिथि समयव्रत
शनिवार, 16 जनवरी 2027शुक्ल15 जनवरी दोपहर 2:14 से 16 जनवरी दोपहर 1:43मासिक दुर्गाष्टमी
शुक्रवार, 29 जनवरी 2027कृष्ण29 जनवरी सुबह 4:03 से 30 जनवरी सुबह 4:58कालाष्टमी
रविवार, 14 फ़रवरी 2027शुक्ल14 फ़रवरी रात 2:07 से 15 फ़रवरी रात 12:41मासिक दुर्गाष्टमी
रविवार, 28 फ़रवरी 2027कृष्ण27 फ़रवरी रात 9:55 से 28 फ़रवरी रात 11:47कालाष्टमी
मंगलवार, 16 मार्च 2027शुक्ल15 मार्च सुबह 10:51 से 16 मार्च सुबह 8:55मासिक दुर्गाष्टमी
सोमवार, 29 मार्च 2027कृष्ण29 मार्च शाम 5:12 से 30 मार्च शाम 7:40कालाष्टमी
बुधवार, 14 अप्रैल 2027शुक्ल13 अप्रैल शाम 5:29 से 14 अप्रैल दोपहर 3:24मासिक दुर्गाष्टमी
बुधवार, 28 अप्रैल 2027कृष्ण28 अप्रैल दोपहर 12:31 से 29 अप्रैल दोपहर 3:02कालाष्टमी
गुरुवार, 13 मई 2027शुक्ल12 मई रात 11:13 से 13 मई रात 9:18मासिक दुर्गाष्टमी
शुक्रवार, 28 मई 2027कृष्ण28 मई सुबह 6:27 से 29 मई सुबह 8:21कालाष्टमी
शुक्रवार, 11 जून 2027शुक्ल11 जून सुबह 5:14 से 12 जून रात 3:45मासिक दुर्गाष्टमी
रविवार, 27 जून 2027कृष्ण26 जून रात 9:52 से 27 जून रात 10:45कालाष्टमी
रविवार, 11 जुलाई 2027शुक्ल10 जुलाई दोपहर 12:38 से 11 जुलाई सुबह 11:50मासिक दुर्गाष्टमी
सोमवार, 26 जुलाई 2027कृष्ण26 जुलाई सुबह 10:25 से 27 जुलाई सुबह 10:13कालाष्टमी
सोमवार, 9 अगस्त 2027शुक्ल8 अगस्त रात 10:25 से 9 अगस्त रात 10:35मासिक दुर्गाष्टमी
मंगलवार, 24 अगस्त 2027कृष्ण24 अगस्त रात 8:25 से 25 अगस्त शाम 7:20कालाष्टमी
बुधवार, 8 सितंबर 2027शुक्ल7 सितंबर सुबह 11:29 से 8 सितंबर दोपहर 12:45मासिक दुर्गाष्टमी
गुरुवार, 23 सितंबर 2027कृष्ण23 सितंबर सुबह 4:37 से 24 सितंबर रात 2:58कालाष्टमी
गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027शुक्ल7 अक्टूबर सुबह 4:14 से 8 अक्टूबर सुबह 6:28मासिक दुर्गाष्टमी
शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027कृष्ण22 अक्टूबर सुबह 11:56 से 23 अक्टूबर सुबह 10:00कालाष्टमी
शनिवार, 6 नवंबर 2027शुक्ल6 नवंबर रात 12:10 से 7 नवंबर रात 2:50मासिक दुर्गाष्टमी
शनिवार, 20 नवंबर 2027कृष्ण20 नवंबर शाम 7:18 से 21 नवंबर शाम 5:20कालभैरव जयंती
सोमवार, 6 दिसंबर 2027शुक्ल5 दिसंबर रात 9:37 से 7 दिसंबर रात 12:00मासिक दुर्गाष्टमी
सोमवार, 20 दिसंबर 2027कृष्ण20 दिसंबर रात 3:34 से 21 दिसंबर रात 1:53कालाष्टमी

2028 में अष्टमी की तिथियाँ

2028 की अष्टमी — नई दिल्ली (IST)
तारीख़पक्षतिथि समयव्रत
बुधवार, 5 जनवरी 2028शुक्ल4 जनवरी शाम 6:20 से 5 जनवरी शाम 7:50मासिक दुर्गाष्टमी
मंगलवार, 18 जनवरी 2028कृष्ण18 जनवरी दोपहर 1:32 से 19 जनवरी दोपहर 12:29कालाष्टमी
शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2028शुक्ल3 फ़रवरी दोपहर 12:22 से 4 फ़रवरी दोपहर 12:48मासिक दुर्गाष्टमी
गुरुवार, 17 फ़रवरी 2028कृष्ण17 फ़रवरी रात 1:46 से 18 फ़रवरी रात 1:42कालाष्टमी
शनिवार, 4 मार्च 2028शुक्ल4 मार्च रात 2:44 से 5 मार्च रात 2:10मासिक दुर्गाष्टमी
शुक्रवार, 17 मार्च 2028कृष्ण17 मार्च दोपहर 4:27 से 18 मार्च शाम 5:31कालाष्टमी
सोमवार, 3 अप्रैल 2028शुक्ल2 अप्रैल दोपहर 1:22 से 3 अप्रैल दोपहर 12:01मासिक दुर्गाष्टमी
रविवार, 16 अप्रैल 2028कृष्ण16 अप्रैल सुबह 9:11 से 17 अप्रैल सुबह 11:12कालाष्टमी
मंगलवार, 2 मई 2028शुक्ल1 मई रात 8:51 से 2 मई शाम 6:55मासिक दुर्गाष्टमी
मंगलवार, 16 मई 2028कृष्ण16 मई रात 3:01 से 17 मई सुबह 5:28कालाष्टमी
बुधवार, 31 मई 2028शुक्ल31 मई रात 2:13 से 1 जून रात 12:00मासिक दुर्गाष्टमी
गुरुवार, 15 जून 2028कृष्ण14 जून रात 8:47 से 15 जून रात 11:05कालाष्टमी
गुरुवार, 29 जून 2028शुक्ल29 जून सुबह 6:47 से 30 जून सुबह 4:39मासिक दुर्गाष्टमी
शुक्रवार, 14 जुलाई 2028कृष्ण14 जुलाई दोपहर 1:31 से 15 जुलाई दोपहर 3:14कालाष्टमी
शनिवार, 29 जुलाई 2028शुक्ल28 जुलाई दोपहर 12:03 से 29 जुलाई सुबह 10:25मासिक दुर्गाष्टमी
रविवार, 13 अगस्त 2028कृष्ण13 अगस्त सुबह 4:43 से 14 अगस्त सुबह 5:37कालाष्टमी
रविवार, 27 अगस्त 2028शुक्ल26 अगस्त शाम 7:33 से 27 अगस्त शाम 6:50मासिक दुर्गाष्टमी
सोमवार, 11 सितंबर 2028कृष्ण11 सितंबर शाम 6:10 से 12 सितंबर शाम 6:10कालाष्टमी
मंगलवार, 26 सितंबर 2028शुक्ल25 सितंबर सुबह 6:33 से 26 सितंबर सुबह 6:59मासिक दुर्गाष्टमी
बुधवार, 11 अक्टूबर 2028कृष्ण11 अक्टूबर सुबह 5:48 से 12 अक्टूबर सुबह 4:56कालाष्टमी
बुधवार, 25 अक्टूबर 2028शुक्ल24 अक्टूबर रात 9:42 से 25 अक्टूबर रात 11:15मासिक दुर्गाष्टमी
गुरुवार, 9 नवंबर 2028कृष्ण9 नवंबर दोपहर 3:41 से 10 नवंबर दोपहर 2:04कालभैरव जयंती
शुक्रवार, 24 नवंबर 2028शुक्ल23 नवंबर दोपहर 4:38 से 24 नवंबर शाम 6:56मासिक दुर्गाष्टमी
शनिवार, 9 दिसंबर 2028कृष्ण9 दिसंबर रात 12:09 से 9 दिसंबर रात 10:06कालाष्टमी
रविवार, 24 दिसंबर 2028शुक्ल23 दिसंबर दोपहर 1:59 से 24 दिसंबर दोपहर 4:31मासिक दुर्गाष्टमी

बीती तिथियाँ हल्के रंग में हैं। हर व्रत का नाम उस माह का व्रत पृष्ठ खोलता है, जहाँ पूजा समय दिए हैं।

अष्टमी का महत्व

अष्टमी, आठवीं तिथि, मुहूर्त चिंतामणि की तालिका में शिव की तिथि है, और व्यवहार में यह देवी और भैरव का दिन है। हर माह की शुक्ल अष्टमी मासिक दुर्गाष्टमी है, जो व्रत और दुर्गा पूजा के साथ मनाई जाती है; आश्विन नवरात्रि की अष्टमी महाष्टमी है, दुर्गा पूजा का शिखर, और चैत्र नवरात्रि की भी अपनी अष्टमी है। कृष्ण अष्टमी कालाष्टमी है, जो काल भैरव को समर्पित है — शिव का वह रूप जो काल के अधिपति हैं। भक्त रात्रि में उनकी पूजा करते हैं, सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं और उनके वाहन श्वान को भोजन कराते हैं; मार्गशीर्ष की कालाष्टमी कालभैरव जयंती है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भी भाद्रपद की कृष्ण पक्ष अष्टमी है। इन व्रतों के जो कारण परंपरा बताती है — रक्षा, मन की स्थिरता और साहस — वे यहाँ संदर्भ के लिए दिए गए हैं, वचन के रूप में नहीं।

शुक्ल अष्टमी बढ़ते पक्ष का अर्धचंद्र है — प्रथम चतुर्थांश, जब चंद्रमा सूर्य से 90° पर होता है और लगभग मध्यरात्रि को अस्त होता है। कृष्ण अष्टमी अंतिम चतुर्थांश है, जब अर्धचंद्र लगभग मध्यरात्रि को उदित होता है। इसी अनुसार दोनों व्रत दिन के विपरीत भागों में होते हैं: दुर्गाष्टमी की पूजा दिन में, कालाष्टमी की रात्रि में।

व्रत की तारीख़ कैसे तय होती है

ऊपर की हर पंक्ति एक व्रत दिन है, जिसे हमारे पंचांग इंजन ने नई दिल्ली के लिए तय किया है और दृक् पंचांग से मिलाया है। तिथि किसी भी समय आरंभ हो सकती है, इसलिए व्रत का दिन केवल “जिस दिन तिथि आरंभ हुई” नहीं होता। सामान्य नियम उदया तिथि का है — सूर्योदय के समय की तिथि दिन का नाम देती है — पर हर व्रत अपना निर्णायक समय जोड़ता है: मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा दिन में होती है, जबकि कालाष्टमी पर काल भैरव की पूजा रात्रि में। इसीलिए पहले स्तंभ की तारीख़ कभी-कभी उस दिन से एक दिन पहले होती है जिस दिन तिथि सूर्योदय को स्पर्श करती है, और क्षेत्रीय पंचांगों में एक दिन का अंतर संभव है। “तिथि समय” स्तंभ में IST में सटीक अवधि दी है, ताकि आप हर पंक्ति स्वयं जाँच सकें। इस पृष्ठ पर माह के नाम (जैसे कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ) उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार हैं; अमांत पंचांग में कृष्ण पक्ष का माह एक पहले का होता है।

शास्त्रीय तालिका में अष्टमी के स्वामी शिव हैं। अष्टमी तृतीया और त्रयोदशी के साथ जया (“विजय देने वाली”) तिथियों के समूह में है — जिन्हें परंपरा सफल होने वाले प्रयास से जोड़ती है, जो विजयिनी देवी दुर्गा को समर्पित दिन के अनुरूप है।

अष्टमी से जुड़े प्रश्न

अगला अष्टमी व्रत कब है?

शुक्ल पक्ष का व्रत: मासिक दुर्गाष्टमी, मंगलवार, 17 नवंबर 2026; अष्टमी तिथि 17 नवंबर सुबह 4:20 से 18 नवंबर सुबह 6:05 तक। कृष्ण पक्ष का व्रत: कालभैरव जयंती, मंगलवार, 1 दिसंबर 2026; अष्टमी तिथि 1 दिसंबर रात 12:12 से 1 दिसंबर रात 11:14 तक।

2026 में कितनी अष्टमी हैं?

हमारे नई दिल्ली डेटा में 2026 में 25 अष्टमी व्रत दिन हैं — 12 शुक्ल पक्ष और 13 कृष्ण पक्ष में। एक कैलेंडर वर्ष में हर पक्ष की अष्टमी 12 या 13 बार आती है, क्योंकि सौर वर्ष में लगभग 12.4 चंद्र मास होते हैं।

दुर्गाष्टमी और कालाष्टमी में क्या अंतर है?

दोनों अष्टमी को पड़ती हैं। मासिक दुर्गाष्टमी शुक्ल पक्ष की अष्टमी है, माँ दुर्गा को समर्पित, जिसकी पूजा दिन में होती है। कालाष्टमी कृष्ण पक्ष की अष्टमी है, काल भैरव को समर्पित, जिसकी पूजा रात्रि में होती है।

अष्टमी का व्रत कभी तिथि आरंभ से एक दिन पहले या बाद क्यों होता है?

तिथि किसी भी समय आरंभ हो सकती है, और हर व्रत का अपना निर्णायक समय है — मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा दिन में होती है, जबकि कालाष्टमी पर काल भैरव की पूजा रात्रि में। इसलिए व्रत का दिन उस दिन से भिन्न हो सकता है जिस दिन तिथि आरंभ होती है, और क्षेत्रीय पंचांगों में एक दिन का अंतर संभव है।

इस तिथि के व्रत कैलेंडर

मासिक दुर्गाष्टमी कब है →कालाष्टमी कब है →

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